व्यर्थ नहीं जाएगा गालवान घाटी में दिया गया सैनिकों का ब’लिदान: वायुसेना अध्यक्ष

नई दिल्ली: LAC पर 20 भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद हैदराबाद में इंडियन एयरफोर्स अकैडमी की पासिंग आउट परेड में हिस्सा लेने पहुंचे भारतीय वायुसेना अध्यक्ष आरकेएस भदौरिया ने कहा कि भारत शांति स्थापित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है लेकिन गालवान घाटी में दिए गए “बलिदान” को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।

भदौरिया ने कहा, ”हम किसी भी अचानक हुई घटना का जवाब देने के लिए अच्छी तरह से तैयार और तैनात है। मैं देश को विश्वास दिलाता हूं कि हम गलवान के बहादुरों के बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने देंगे।” उन्होंने कहा, “हमारे क्षेत्र में सुरक्षा परिदृश्य यह बताता है कि हमारे सुरक्षा बल हर समय तैयार हैं और हर चीज पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।”

IAF चीफ एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने कहा, हम स्थिति से अवगत हैं, यह एलएसी पर या उससे परे हो, यह उनकी वायु तैनाती, उनकी मुद्रा और प्रकार की तैनाती हो। हमने पूर्ण विश्लेषण किया है और हमने आवश्यक कार्रवाई की है, जो हमें आने वाली किसी भी आकस्मिकता को जो सामने आ सकता है, उसे संभालने के लिए आवश्यक एक्‍शन लिया है।

अपने संबोधन की शुरुआत में एयर चीफ ने कहा कि मैं लद्दाख में शहीद हुए कर्नल संतोष बाबू (Santosh Babu) और उनकी टीम के जवानों को अपनी श्रद्धांजलि देता हूं। एक ऊंचे रणक्षेत्र की चुनौतियों के बीच वह जिस प्रकार अपनी वीरता का प्रदर्शन करते हुए शहीद हुए और देश की संप्रभुता की रक्षा की। तमाम समझौतों के बीच चीन की ओर से एलएसी (India China Face Off) पर की गई कार्रवाई के बावजूद हम सभी तनाव की स्थितियों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।

बता दें कि एयरफोर्स चीफ के हैदराबाद पहुंचने से एक रोज पहले ही लद्दाख के अग्रिम इलाकों में भारतीय सेना के लड़ाकू विमानों और चॉपर्स ने गश्त की थी। लद्दाख की स्थितियों को देखते हुए एयरफोर्स ने हाल में ही यह स्पष्ट किया था कि वह किसी भी आदेश पर कार्रवाई के लिए पूरी तरह से तैयार है।


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