सऊदी अरामको की चीन के साथ 10bn डॉलर की तेल रिफाइनरी डील खतरे में

सऊदी अरब की तेल कंपनी ने चीन में $ 10 बिलियन की रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए की गई एक डील को स्थगित कर दिया है।

सऊदी अरब ऑयल कंपनी या अरामको ने अपने चीनी भागीदारों के साथ बातचीत के बाद चीन के पूर्वोत्तर प्रांत लिओनिंग में रिफाइनरी में निवेश नहीं करने का फैसला किया। इस मामले में अरामको ने टिप्पणी करने से भी इनकार कर दिया।

दरअसल कोरोना महामारी के कारण तेल की गिरती कीमतों ने दुनिया भर में ऊर्जा कंपनियों की परियोजनाओं के लिए गणना को बदल दिया है। कच्चे तेल की गिरती कीमतों और बढ़ते कर्ज के बीच अरामको ने अपने पूंजीगत खर्च में भारी कटौती की योजना बनाई है।

जब क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पिछले साल फरवरी में बीजिंग में थे। इस डील पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस डील को उस समय एक प्रमुख सहयोगी के साथ एक ऐतिहासिक सौदे के रूप में देखा गया था।

सऊदी अरब एशिया के बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाना चाहता था और उसने चीनी निवेश को प्रोत्साहित किया। सउदी को नॉरिनको और पेंजिन सिनकेन के साथ मिलकर एक इकाई बनाने के लिए तैयार किया गया था, जिसे हुजैन अरामको पेट्रोकेमिकल कंपनी कहा जाता है।

सऊदी अरब 300,000-बैरल प्रतिदिन की रिफाइनरी के लिए 70% कच्चे माल की आपूर्ति करने जा रहा था। सऊदी अरामको ने इस साल की शुरुआत में एक रिफाइनरी विस्तार परियोजना पर इंडोनेशिया की राज्य ऊर्जा कंपनी पर्टैमिना के साथ बातचीत की थी, लेकिन समझौते के बिना बातचीत समाप्त हो गई और पर्टमिना दूसरे साथी की तलाश में है।