रिश्तों की बहाली के प्रस्ताव पर बोला सऊदी – ईरान के नए राष्ट्रपति को ‘जमीन पर वास्तविकता’ से आंकेंगे

ईरान के नव निर्वाचित राष्ट्रपति ने सोमवार को सऊदी अरब के साथ रिश्तों की बहाली पर ज़ोर दिया था। उन्होने कहा कि सऊदी अरब के साथ संबंध बहाल करने में कोई बाधा नहीं है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह तेहरान की बैलिस्टिक मिसाइलों या क्षेत्रीय मिलिशिया के समर्थन पर बातचीत करने को तैयार नहीं हैं।

इस पर अब सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने मंगलवार को जवाब दिया है। उन्होने कहा कि सऊदी अरब ईरानी राष्ट्रपति-चुनाव इब्राहिम रईसी की सरकार को “जमीन पर वास्तविकता” से आंकेगा। विदेश मंत्री का कहना है कि ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का विदेश नीति पर अंतिम निर्णय है।

SOURCE: SAUDI GAZETTE

सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने अपने ऑस्ट्रियाई समकक्ष के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हमारे दृष्टिकोण से, ईरान में विदेश नीति किसी भी मामले में सर्वोच्च नेता द्वारा चलाई जाती है और इसलिए हम जमीन पर वास्तविकता पर अपनी बातचीत और ईरान के प्रति अपने दृष्टिकोण को आधार बनाते हैं, और यही हम नई सरकार का न्याय करेंगे, चाहे कुछ भी हो कौन प्रभारी है।”

उन्होंने यह नहीं बताया कि वह कैसे चाहते हैं कि वास्तविकता बदल जाए, लेकिन उन्होंने कहा कि वह ईरान के पर’माणु कार्यक्रम पर अनुत्तरित प्रश्नों के बारे में “बहुत चिंतित” थे। हालांकि सऊदी अरब और ईरान में रिश्तों की बहाली को लेकर पहले ही बातचीत चल रही है।

शुक्रवार को चुनाव में भारी बहुमत से जीतने के बाद पहली बार मीडिया से मुखातिब हुए इब्राहिम रायसी ने कहा कि “ईरान की ओर से दूतावासों को फिर से खोलने में कोई बाधा नहीं है… सऊदी अरब के साथ संबंधों में कोई बाधा नहीं है।”