सऊदी अरब की मस्जिदों में लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल केवल अज़ान और इक़ामत के लिए होगा

सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब केवल नमाज़ (अज़ान) और इक़ामत के लिए ही लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति होगी।

सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्री अब्दुल लतीफ अल शेख द्वारा एक परिपत्र जारी किया गया। जिसमे कहा गया कि लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल केवल अज़ान और इकामा के लिए सीमित रूप से होगा और देश की सभी मस्जिदों में लाउडस्पीकर की आवाज़ का स्तर भी एक तिहाई तक कम करने का आदेश जारी किया गया है।

अज़ान नमाज़ का पहला आह्वान है, जबकि इक़ामत नमाज़ का दूसरा आह्वान है, यह दर्शाता है कि इमाम ने काबा की ओर अपना स्थान ले लिया है और नमाज़ शुरू होने वाली है।

यह सर्कुलर पैगंबर मोहम्मद (PBUH) की उस हदीस पर आधारित है जिसमें उन्होंने कहा: “देखो! तुम में से हर एक चुपचाप अपने रब को पुकार रहा है। एक को दूसरे को परेशान नहीं करना चाहिए और न ही किरात में और न ही नमाज में दूसरे की आवाज पर आवाज उठानी चाहिए।

यह नियम शेख मोहम्मद बिन सालेह अल ओथैमीन और सालेह अल फवज़ान जैसे अधिकांश वरिष्ठ इस्लामी विद्वानों के फतवे पर भी आधारित है, कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर का उपयोग केवल अज़ान और इक़ामत के लिए किया जाना चाहिए।