सऊदी अरब ने इस काम के लिए आठ देशों में भारत को भी चुना

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एस जयशंकर भारत के विदेश मंत्री बनने के बाद पहली बार शनिवार को तीन दिवसीय दौरे पर सऊदी अरब पहुँचे थे.

एस जयशंकर की मुलाक़ात सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से भी हुई थी. इस मुलाक़ात में उन्होंने क्राउन प्रिंस को पीएम मोदी का एक लिखित संदेश सौंपा था.

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सऊदी अरब भारत के लिए न केवल ऊर्जा ज़रूरतों के लिए अहम देश है बल्कि वहाँ 26 लाख भारतीय काम भी करते हैं.

ऐतिहासिक रूप से सऊदी अरब पाकिस्तान के क़रीब रहा है लेकिन बदलती वैश्विक परिस्थिति में भारत के साथ क़रीबी बढ़ी है. एस जयशंकर ने अपने सऊदी दौरे पर कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में न केवल अपने प्रभावी आँकड़ों के कारण सऊदी अरब अहम खिलाड़ी है बल्कि ऊर्जा बाज़ार में भी काफ़ी मज़बूत है.

शनिवार को एस जयशंकर ने सऊदी गज़ट को दिए इंटरव्यू में बताया है कि भारत और सऊदी अरब का साथ क्यों ज़रूरी है. भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि सऊदी अरब भारत के लिए अहम आर्थिक साझेदार है.

पिछले वित्त वर्ष में सऊदी अरब से भारत का द्विपक्षीय व्यापार 42.86 अरब डॉलर का था. जयशंकर ने कहा कि हाल के वर्षों में दोनों देशों के पारस्परिक निवेश बढ़े हैं.

अक्टूबर 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सऊदी अरब का दौरा किया था. 2019 में पीएम मोदी का दूसरा सऊदी दौरा था. इसी दौरे में सऊदी अरब के साथ स्ट्रैटिजिक पार्टनर्शिप काउंसिल (एसपीसी) पर सहमति बनी थी. जयशंकर एसपीसी की बैठक में ही शामिल होने सऊदी अरब गए थे.

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