सऊदी अरब की लेबनानी नेताओं को नसीहत – देश के हितों के लिए मतभेदों को रखे दूर

लेबनान में सऊदी अरब के राजदूत वालिद बुखारी ने गुरुवार को नेताओं से कई चुनौतियों का सामना करने के लिए देश के हित को अपने से आगे रखने का आग्रह किया। बुखारी की टिप्पणी लेबनान के सबसे वरिष्ठ ईसाई धर्मगुरु, बकिरकी में मैरोनाइट पैट्रिआर्क बेचारा बुट्रोस अल-राय से मिलने के बाद आई।

उन्होंने बार-बार नेताओं से एक नई सरकार पर सहमत होने का आग्रह किया है। उन्होने गतिरोध को तोड़ने में मदद करने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रायोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का भी आह्वान किया है। बुखारी ने कहा: “राज्य और मैरोनाइट चर्च के बीच संबंध एक स्वतंत्र और स्वतंत्र लेबनान को संरक्षित करने की गारंटी है।”

सऊदी राजदूत ने कहा कि उनका देश “किसी भी कारण से लेबनान की पहचान से समझौता नहीं होने देगा।” अगस्त 2020 के बेरूत बंदरगाह वि’स्फोट के तत्काल बाद से लेबनान पूरी तरह से काम करने वाली सरकार के बिना रहा है क्योंकि अधिकारी और मंत्री के बीच पदों को लेकर विवाद हैं।

प्रधान मंत्री साद अल-हरीरी को अक्टूबर में सरकार बनाने का काम दिया गया था, लेकिन कैबिनेट को लेकर हिज़्बुल्ला’ह सहित राष्ट्रपति मिशेल औन के साथ उनके विवाद सामने आ गए है।  “राज्य ने हमेशा लेबनानी लोगों की पसंद, उनकी पहचान, उनके बहुलवाद, उनकी प्रणाली, उनकी परंपराओं और उनके जीवन के तरीके का सम्मान किया है।”

बुखारी की बकिरकी की यात्रा आज लेबनान की लेबनान यात्रा में फ्रांसीसी और अमेरिकी राजदूतों के साथ हुई। फ्रांसीसी दूतावास ने कहा कि यात्रा उन लोगों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की कोशिश करेगी जो कैबिनेट के गठन को रोक रहे थे, जबकि अमेरिकी दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा कि इसका उद्देश्य “सरकार के गठन पर केंद्रित हमारी त्रिपक्षीय कूटनीतिक रणनीति विकसित करना है।”