आर्मेनिया में यु’द्ध में हार के बावजूद पशिनियन की पार्टी ने जीता चुनाव

सोमवार को जारी किए गए परिणामों के अनुसार अर्मेनिया के कार्यवाहक प्रधान मंत्री निकोल पशिनियन की पार्टी ने मध्यावधि संसदीय चुनाव में जीत हासिल की है। उन्होने ये जीत अजरबैजान के साथ शांति समझौते के बावजूद हासिल की है। जिसको लेकर उन्हे काफी विरोध का सामना करना पड़ा था।

चुनाव आयोग ने सोमवार को कहा कि सभी क्षेत्रों की गिनती के साथ, पशिनियन की सिविल कॉन्ट्रैक्ट पार्टी ने 53.9% वोट हासिल किए। वहीं पूर्व राष्ट्रपति रॉबर्ट कोचरियन के नेतृत्व वाला ब्लॉक लगभग 21% के साथ दूसरे स्थान पर रहा।अपने समर्थकों की एक रैली में बोलते हुए पशिनियन ने घोषणा की कि देश में राजनीतिक संकट खत्म हो गया है और सुलह का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “अभियान के दौरान कुछ आक्रामक बयानबाजी हुई थी।

उन्होने आगे कहा, “मैं अर्मेनिया में राजनीतिक प्रक्रिया में सभी प्रतिभागियों से एक साधारण बात से शुरू करने का आग्रह कर रहा हूं – कटुता को समाप्त करें। हम आर्मेनिया के इतिहास में एक नया पृष्ठ खोल रहे हैं … और हमें एकीकरण से शुरुआत करनी चाहिए।”

पशिनियन ने नागोर्नो-कराबाख क्षेत्र पर अजरबैजान के साथ छह सप्ताह की ल’ड़ाई को समाप्त करने के लिए हस्ताक्षर किए शांति समझौते के कारण अपने इस्तीफे की मांग को लेकर महीनों चले विरोध के बाद चुनाव कराया। अजरबैजान ने नागोर्नो-कराबाख और आसपास के क्षेत्रों के बड़े हिस्से पर नियंत्रण हासिल कर लिया, जो कि एक चौथाई सदी से अधिक समय तक अर्मेनिया के नियंत्रण में रहा था।

येरेवन स्थित क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र के निदेशक रिचर्ड गिरगोसियन ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया, “यह बहुत कम पशिनियन का समर्थन है, लेकिन अर्मेनियाई लोगों के अतीत के पूर्व सत्तावादी शासन में वापस जाने से इंकार कर रहा है।”