पाकिस्तान ने दिया अमेरिका को झटका, बोला – हमारी जमीन पर हरगिज नहीं देंगे इजाजत

पाकिस्तान ने मंगलवार को अमेरिका को अपनी धरती से पड़ोसी देश अफगानिस्तान के भीतर एक सै’न्य अड्डा संचालित करने या ड्रो’न संचालन करने की अनुमति देने की संभावना से इनकार कर दिया।

विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सीनेट या संसद के ऊपरी सदन को बताया कि आ’तं’कवाद के खिलाफ तथाकथित यु’द्ध में इस्लामाबाद के लंबे समय से सहयोगी रहे वाशिंगटन के साथ ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। कुरैशी ने कहा, “इस सदन और पाकिस्तानी राष्ट्र को मेरी गवाही का गवाह बनने दें कि प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व में पाकिस्तानी धरती पर कोई अमेरिकी बेस नहीं होगा।”

उन्होंने पूर्व सोवियत संघ के खिलाफ शीत यु’द्ध के दौरान पाकिस्तान में अमेरिकी बेस की कथित स्थापना का जिक्र करते हुए कहा, “अतीत के बारे में भूल जाओ।” शीर्ष राजनयिक ने कहा, “हम ड्रो’न के उपयोग की अनुमति नहीं देंगे, न ही हम आपके ड्रो’न की निगरानी में रुचि रखते हैं। यह इस सरकार की एक बहुत ही स्पष्ट नीति है।”

कुरैशी ने इन खबरों को ‘निराधार’ और ‘अटकलबाजी’ करार दिया। इससे पहले अफगानिस्तान में रूस के विशेष दूत ज़मीर काबुलोव द्वारा कहा गया था कि मध्य एशियाई पड़ोसी ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान वाशिंगटन को अपनी धरती पर सै’न्य ठिकाने स्थापित करने की अनुमति नहीं देंगे।

हाल ही में खबर आई थी कि तालि’बान के साथ 2020 दोहा शांति समझौते के अनुरूप विदेशी सै’नि’कों की वापसी के बाद यु’द्धग्रस्त अफगानिस्तान में भविष्य के अमेरिकी आ’तं’कवाद विरोधी अभियानों को सुविधाजनक बनाने के लिए दोनों सहयोगी एक नए समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।