जून तक खत्म हो जाएगा 2 लाख भारतीयों का H-1B वीजा, अमेरिका में रहने का खो देंगे अधिकार

कोरोना संकट के बीच अमेरिका अपने लोगों के लिए नौकरियाँ बचाने की कोशिशों में जुटा है। ऐसे में उसने H-1B वीजा पर अमेरिका में रहने वाले लोगों के सामने जून तक देश छोड़ने का खतरा पैदा हो गया है। इस तरह के वीजा पर ज्यादातर भारतीय ही अमेरिका में रह रहे हैं।

एच-1बी वीजा स्पेशलाइज्ड स्किल वाले गैर अमेरिकी लोगों को जारी किया जाता है, जो उन्हें अमेरिका में रहकर काम करने की कानूनी इजाजत देता है। इस वीजा पर लाखों की संख्या में भारतीय अमेरिका में नौकरी करते हैं। इनमें से तमाम भारतीयों को कोरोना संकट में बिना सैलरी के छुट्टी पर भेज दिया गया है। ऐसे भारतीयों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।

कोविड-19 की वजह से मिड-मार्च से छुट्टी पर भेजे गए करीब 2 लाख से ज्यादा भारतीय जून तक अमेरिका में रहने की कानूनी वैधता को खो देंगे और लॉकडाउन होने की वजह से ऐसे लोग भारत भी नहीं आ सकेंगे। अगर किसी वजह से अमेरिका में किसी की नौकरी छूट जाती है और वे बेरोजगार हो जाता है, तो इस स्थिति में अमेरिका में एच-1बी वीजा पर अधिकतम 60 दिनों तक ही कानूनी रूप से रह सकते हैं। इससे ज्यादा दिन रहने के लिए उन्हें भारी रकम चुकानी होती है।

अमेरिका में करीब 2.50 लाख लोग अमेरिका में गेस्ट वर्कर के तौर पर ग्रीन कार्ड पर रहते है। करीब 2 लाख से ज्यादा लोग एच-1बी वीजा पर अमरेकिा में काम करते हैं। बता दें कि पिछले दो साल में 1 करोड़ अमेरिकी लोगों की नौकरी छिन गई है। लेकिन अमेरिकियों के मुकाबले वीजा पर रहने वाले लोगों की मुसीबत बढ़ गई है।

ट्रंप प्रशासन के दौरान इमीग्रेशन और फॉरेन वर्कर के लिए नियम काफी सख्त रहे । साल 2019 में नॉन इमीग्रेंट वर्कर को जारी होने वाले वीजा में गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा के प्रवक्ता ने यह कहने से इनकार कर दिया कि क्या एजेंसी वीजा समय सीमा का विस्तार करेगी। मगर, यह जरूर कहा कि यह अनुरोध किए जाने पर अपने नियंत्रण से परे परिस्थितियों से प्रभावित लोगों के लिए विशेष सहायता प्रदान कर सकती है।


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