तेल को लेकर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में क्लेश, OPEC+ पर भी पड़ा असर

तेल उत्पादन को लेकर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बीच विवाद गहरा गया है। सोमवार को हुई ओपेक+ गठबंधन की एक और बैठक होनी है। इससे पहले हुए ये तनाव बैठक को भी प्रभावित कर सकता है।

संयुक्त अरब अमीरात ने उत्पादन बढ़ाने के लिए तेल उत्पादक देशों के गठबंधन द्वारा प्रस्तावित सौदे का कड़ा विरोध किया है, जिससे एक गतिरोध पैदा हो गया। यूएई का यह विरोध कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के प्रयासों को पटरी से उतार सकता है।

सऊदी ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान ने ब्लूमबर्ग टेलीविज़न को बताया, “यह पूरे समूह बनाम एक देश हो गया है, जो मेरे लिए दुखद है, लेकिन यह वास्तविकता है।” संयुक्त अरब अमीरात को 23-सदस्यीय ओपेक + ब्लॉक के भीतर अलग-थलग करने का सुझाव भी दिया।

रविवार देर रात प्रसारित अल-अरबिया टेलीविजन के साथ एक अलग साक्षात्कार में, प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ ने सोमवार की बैठक से पहले “थोड़ी तर्कसंगतता और थोड़ा समझौता” करने का आह्वान किया। बता दें कि मौजूदा प्रस्ताव अगस्त से दिसंबर तक हर महीने 400,000 बैरल प्रति दिन उत्पादन बढ़ाने का है। इस पर यूएई ने आपत्ति जताई है।

अमीरात के ऊर्जा मंत्री सुहैल मोहम्मद अल-मजरूई ने कहा, “यूएई नए समझौते में न्याय की मांग करता है … और बाकी देशों के साथ पारस्परिकता की मांग करना हमारा संप्रभु अधिकार है।”