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Tuesday, November 30, 2021

अरब में फरवरी 2022 में नए श्रम कानून होंगे लागू, जानिए कामगारों को क्या मिलेगा लाभ

सोमवार को यूएई मानव संसाधन और अमीरात मंत्रालय ने श्रम संबंधों को विनियमित करने के लिए एक नए डिक्री कानून की घोषणा करी और ये नियम फरवरी 2022 में लागू होंगे।

जानकारी के अनुसार, यूएई के राष्ट्रपति, शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान द्वारा जारी किए इन नियमों का उद्देश्य अंशकालिक और अस्थायी काम सहित विभिन्न कार्य श्रेणियों को नियंत्रित करना और कामगारों को अधिक सुरक्षा प्रदान करना है। वहीं संघीय डिक्री कानून नं। श्रम संबंधों के नियमन के संबंध में 2021 का 33 फरवरी 2, 2022 को प्रभावी होगा। यह कानून की स्थापना के बाद से अपनी तरह का सबसे बड़ा संशोधन है।

वहीं मानव संसाधन और अमीरात मंत्री डॉ अब्दुलरहमान अल अवार ने एक मीडिया ब्रीफिंग में इन नियमों को लेकर कहा है कि नया डिक्री कानून तकनीकी प्रगति और कोविड -19 के प्रकोप के बीच तेजी से बदलते कार्यस्थल के जवाब में आता है। वहीं उन्होंने कहा कि यह एक लचीला और प्रतिस्पर्धी कार्य वातावरण बनाने के लिए यूएई सरकार के प्रयासों के हिस्से के रूप में आता है क्योंकि देश अगले 50 वर्षों की अपनी यात्रा शुरू करने के लिए तैयार है।

विभिन्न कार्य श्रेणियां

नया कानून अन्य श्रेणियों के बीच पूर्णकालिक, अंशकालिक, अस्थायी और लचीले काम सहित विभिन्न कार्य श्रेणियों पर लागू होगा। वहीं कानून के कार्यकारी नियम, जिस पर मंत्रालय वर्तमान में काम कर रहा है, प्रत्येक श्रेणी में दोनों पक्षों की जिम्मेदारियों को निर्धारित करेगा। कानून के इस अनुच्छेद का उद्देश्य दुनिया भर से प्रतिभाओं और दक्षताओं को आकर्षित करना है।

न्यायिक शुल्क में छूट

वहीं डिक्री कानून श्रमिकों को मुकदमेबाजी और निष्पादन के सभी चरणों में न्यायिक शुल्क से छूट देगा, और श्रमिकों या उनके उत्तराधिकारियों द्वारा सबमिट किए गए अनुरोधों का मूल्य Dh100,000 से अधिक नहीं होगा।

बद’मा’शी और यौ’न उ’त्पी’ड़न से सुरक्षा

कानून यह निर्धारित करता है कि नियोक्ता कर्मचारियों के खिलाफ बल के किसी भी साधन का उपयोग नहीं कर सकता है या उनकी इच्छा के विरुद्ध सेवा प्रदान करने के लिए दंड की ध’मकी का उपयोग नहीं कर सकता है। यह कर्मचारियों के खिलाफ उनके वरिष्ठों या सहकर्मियों द्वारा यौ’न उ’त्पी’ड़न, ध’म’का’ने, या किसी भी मौ’खिक, शारीरिक या मनोवैज्ञानिक हिंसा को भी प्रतिबंधित करता है।

वहीं कार्यस्थल पर महिलाओं को सशक्त बनाने के विशेष उद्देश्य के साथ नए डिक्री कानून के तहत नस्ल, रंग, लिंग, धर्म, राष्ट्रीयता या विकलांगता के आधार पर किसी भी प्रकार का भेद’भाव सख्त वर्जित है।

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