सीएम योगी के बयान पर भड़के नेपाली पीएम – हमें डराने की कोशिश उचित नहीं

काठमांडू: भारत और नेपाल के संबंधों को जारी तनाव के बीच नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर आपत्ति जताई। जिसमे उन्होने कहा था कि नेपाल को वह गलती नहीं दोहरानी चाहिए जो तिब्बत ने की थी।

उन्होंने नेपाल के नए नक्शे के मंजूरी के बाद नेपाली संसद के प्रतिनिधि सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ‘भारतीय सुरक्षाबलों की तैनाती की वजह से हमारे क्षेत्र हमसे अलग हो गए हैं और हमें वहां तक पहुंचने नहीं दिया जा रहा है। भारत के समक्ष यह मुद्दा उठाया गया है। तथ्यों और ऐतिहासिक सबूतों के आधार पर हमारे क्षेत्रों को हमें वापस सौंपा जाना चाहिए।’

प्रतिनिधि सभा में सांसदों द्वारा उठाए गए एक सवाल का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ओली ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में अगर वह ऐसी बात करते हैं तो यह आलोचना का विषय है। हम इसे नेपाल का अपमान समझते हैं। नेपाल ऐसी भाषा के लिए तैयार नहीं है। मैं योगीजी को याद दिलाना चाहूंगा कि हम इससे खुश नहीं हैं।

दरअसल, 3 जून को योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि भारत और नेपाल भले ही राजनीतिक तौर पर अलग हो सकते हैं, लेकिन उनके पास एक सामान्य आत्मा है। उन्होंने कहा, ‘दोनों देशों के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पौराणिक संबंध हैं, जो कई शताब्दियों तक चलते हैं और नेपाल को यह याद रखना चाहिए।’

पीएम ओली ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने नेपाल को लेकर जो कुछ कहा है वह गलत है और हमें अस्वीकार्य है।’ गौरतलब है कि योगी ने सीमा विवाद पर नेपाल को नसीहत देते हुए कहा था कि उसे राजनीतिक सीमाएं तय करने से पहले उसके प्रभावों को ध्यान में रखना चाहिए।


    देश के अच्छे तथा सभ्य परिवारों में रिश्ता देखें - Register FREE