नेपाल ने सीमा पर बढ़ाए सैनिक, लिपूलेख के पास तंबू भी ताना, हैलीपेड भी बनाया

तीन भारतीय इलाकों लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को अपने नक्शे में शामिल करने के बाद अब नेपाल ने सीमा पर सैनिकों की संख्या बढ़ाना शुरू कर दी है। नेपाल ने लिपूलेख जाने वाले रास्ते पर हैलीपेड बनाया और टेंट लगाए हैं।इसके अलावा धारचूला से 55 किलोमीटर आगे मालपा के पास नेपाल की सेना ने पहली बार काली नदी के किनारे एक हेलीपैड बनाया है, जबकि कई और टेंट भी लगाए हैं। इन टेंटों में नेपाली सेना के दर्जनों जवान तैनात हैं।

बता दें, धारचूला नेपाल और चीन से लगने वाला बॉर्डर का इलाका है। धारचूला से चीन सीमा की दूरी 80 किलोमीटर है जहां पर धारचूला लिपुलेख राजमार्ग का निर्माण हुआ है। लेकिन नेपाल का बॉर्डर धारचूला से ही शुरू हो जाता है। दोनों के बॉर्डर से लगने वाले धारचूला में काली नदी के अगल-बगल भारत और नेपाल का बॉर्डर है। साथ ही काली नदी के दूसरी तरफ नेपाल है जबकि एक तरफ भारत है। इसी काली नदी के आसपास सैकड़ों गांव बसे हुए हैं।

इन दिनों कालापानी से लगभग 40 किलोमीटर पहले माल्पा के पास नेपाल ने अपने बॉर्डर में एक पोस्ट बनाई है। जिसके बारे में स्थानीय लोग बताते हैं कि यह पोस्ट करीब एक हफ्ते पहले बनाई गई और इसके लिए कुछ लोगों को हेलिकॉप्टर से नदी किनारे उतारा गया था।

इससे पहले नेपाल ने बिहार के उत्तरी चंपारण जिले के ढाका ब्लॉक में स्थित लालबकेया नदी पर तटबंधी कार्य को रोक दिया। नेपाल ने पिलर नंबर 346 और 347 के बीच चल रहे मरम्मत और कटावरोधी कार्यों पर रोक लगा दी है। वहीं नेपाल बॉर्डर पुलिस ने कुछ दिन पहले ही सीतामढ़ी से सटी सीमा पर फाय’रिंग कर दी थी। इसमें 1 भारतीय की मौ’त हुई थी, जबकि दो अन्य लोग ज’ख्मी हुए थे।

इतना ही नहीं नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक में नागरिकता नियमों को भी बदला दिया। अब नेपाल के नागरिक से शादी करके वहां जाने वाली भारतीय महिलाओं को अब नेपाल की नागरिकता प्राप्त करने के लिए 7 सालों तक इंतजार करना होगा। इसके साथ ही  सात वर्षों तक नेपाल में भारतीय विवाहित महिलाओं को सभी प्रकार के राजनीतिक अधिकार से वंचित रहना होगा।


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