राम जन्मभूमि के बाद अब योग पर नेपाल ने जताया अपना दावा, पीएम केपी शर्मा ने दिया बड़ा बयान

राम जन्मभूमि के नेपाल में होने का दावा जता चुके नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने अब योग को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होने कहा कि योग भारत में नहीं बल्कि नेपाल में जन्मा है। उन्होने कहा कि योग की शुरुआत भारत से नहीं बल्कि नेपाल से हुई थी।

प्रधान मंत्री आवास पर  अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एक कार्यक्रम में शामिल हुए ओली ने कहा,  जब योग शुरू हुआ तब भारत का अस्तित्व नहीं था। उस दौर में भारत जैसा कोई देश नहीं था। तब कुछ राज्य ही थे। इसलिए योग नेपाल या फिर उत्तराखंड के आसपास शुरू हुआ था। यह भारत में शुरू नहीं हुआ था।

ओली ने कहा कि लगभग 15 हजार साल पहले, शंभूनाथ या शिव ने योग प्रथाओं का प्रतिपादन किया था। बाद में, महर्षि पतंजलि ने योग के दर्शन को अधिक परिष्कृत व व्यवस्थित तरीके से विकसित किया। उन्होने ये भी कहा कि योग किसी धर्म विशेष या धार्मिक पंथ से संबंधित नहीं है।

ओली ने ये भी दावा किया कि सिर्फ योग ही नहीं, कपिल मुनि द्वारा प्रतिपादित सांख्य दर्शन भी हमारी धरती से ही उत्पन्न हुआ है।” सांख्य भारतीय दर्शन की छह अस्तिका विद्याओं में से एक है। यह योग की सैद्धांतिक नींव तैयार करता है। ओली ने कहा कि आयुर्वेद का विकास करने वाले चरक ऋषि भी इसी भूमि में पैदा हुए थे।

बता दें कि इससे पहले उन्होने राम जन्मभूमि को लेकर दावा किया था कि राम का जन्म भारत के अयोध्या में नहीं बल्कि नेपाल के चितवन जिले के अयोध्यापुरी इलाके में हुआ था। उन्होने कहा था कि हमने भारत में स्थित अयोध्या के राजकुमार को सीता नहीं दी बल्कि नेपाल के अयोध्या के राजकुमार को दी थी। अयोध्या एक गांव हैं जो बीरगंज के थोड़ा पश्चिम में स्थित है। भारत में बनाई गई अयोध्या वास्तविक नहीं है।