पाकिस्तान ने लाल शाहबाज़ क़लंदर की दरगाह को किया बंद, जायरीनों से हुई झ’ड़प

पाकिस्तान के सिंध प्रांत स्थित मशहूर लाल शाहबाज़ क़लंदर की दरगाह को बंद करने की खबर सामने आई है। दरअसल जायरीनों और पु’लिस कर्मियों के बीच हुई झ’ड़प के बाद ये फैसला लिया गया।

इससे पहले प्रांतीय सरकार द्वारा को’रोनोवाय’रस महा’मारी के प्रसार को रोकने के लिए सभी धार्मिक स्थलों को बंद करने की घोषणा के बाद गुरुवार की रात को की गई थी। जिसके बाद सहवान में लाल शाहबाज़ कलंदर की दरगाह पर ये घटना हुई।

झ’ड़पें सैकड़ों जायरीनों से हुई। ये सभी वार्षिक उर्स के लिए सहवान में एकत्रित हुए थे और सरकारी आदेशों की अवहेलना की। लाल शाहबाज़ क़लंदर दरगाह के खादिम ने बताया कि ये सभी सूफी संत के 769 वें उर्स (पुण्यतिथि) के लिए दरगाह में एकत्रित हुए थे।

ड्यूटी पर मौजूद पुलि’सकर्मियों ने जायरीनों को धक्का देने की कोशिश की जिसके कारण झड़प हुई जिसमें कुछ 40 जायरीन और सात पुलि’सकर्मी घा’यल हो गए और उन्हें अ’स्पताल ले जाया गया।

जमशेदो के उपायुक्त, कैप्टन (retd) फरीदुद्दीन मुस्तफा ने कहा, “सिंध के बाहर से आए जायरीनों में से कई सिवान में और उसके आसपास रह रहे थे और शायद उन्हें सरकारी आदेशों की जानकारी नहीं थी।

सूफ़ी संत लाल शाहबाज कलंदर को दमादम मस्त कलंदर वाले बाबा भी कहा जाता है। हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के शागिर्द महान सूफ़ी कवि अमीर ख़ुसरो भी उनके मुरीदों में शामिल माने जाते हैं। इसकी सबसे बड़ी तस्दीक उनकी दमादम मस्त कलंदर रचना है।