यूएई में बढ़ रहे है मंकीपॉक्स के केसेस, पीसीआर टेस्ट और क्वारंटीन ज़रूरी ?

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कम से कम 20 देशों ने 300 से अधिक मंकीपॉक्स के केसेस की घोषणा की है। इसके पहले ये वायरस कुछ लोगो में ही सिमित था। यह रोग, जो पहली बार बंदरों में पहचाना गया था, ज्यादातर पश्चिम और मध्य अफ्रीका में होता है, और केवल कभी-कभार ही कहीं और फैलता था लेकिन अब पूरी दुनिया में इस वायरस की बढौत्तरी हो रही है।

यूएई ने वायरल जूनोटिक डिजीज मंकीपॉक्स के तीन नए मामले दर्ज किए हैं। स्वास्थ्य और रोकथाम मंत्रालय (MoHAP) ने सभी समुदाय के सदस्यों से उचित निवारक उपायों का पालन करने और यात्रा करते समय सभी सावधानी बरतने और बहुत ज़्यादा लोगो के बीच में ना जाने की बात कही है।

“मंकीपॉक्स एक वायरल बीमारी है, लेकिन आमतौर पर एक आत्म-सीमित है, अगर इसकी तुलना कोविड -19 से की जाती है। यह ज्यादातर संक्रमित व्यक्ति या जानवर के निकट संपर्क के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है, मंकीपॉक्स के लक्षणों की शुरुआत दरअसल बहुत ही आम तरीके से होती है जो कि 6 से 13 दिनों तक चलती है लेकिन कभी-कभी ये 5 से 21 दिनों तक भी जा सकता है जिसमें तेज बुखार तेज सर दर्द लिंफ नोड्स की सूजन पीठ में दर्द और मसल्स में पेन होता है इसके साथ ही एनर्जी बहुत ज्यादा कम लगती है, “मंत्रालय ने एक बयान में कहा।

यूएई में स्वास्थ्य अधिकारियों ने अब तक वायरस के चार मामले दर्ज किए हैं। स्वास्थ्य और रोकथाम मंत्रालय (MoHAP) ने यह भी कहा है कि संक्रमित व्यक्तियों को ठीक होने तक अस्पतालों में अलग रखा जाएगा, जबकि करीबी संपर्कों को 21 दिनों के लिए घर पर रहने की आवश्यकता होगी।

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि मंकीपॉक्स वायरस के संक्रमण की पुष्टि वायरल डीएनए के अनूठे अनुक्रमों का पता लगाने के लिए वास्तविक समय या पारंपरिक पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन (पीसीआर) का उपयोग करके “न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्टिंग (एनएएटी)” पर आधारित है।

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