मुस्लिमों से बोले मलेशिया के पूर्व पीएम – ‘आप कमजोर हैं इसलिए हार जाते हैं’

मलेशिया की सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री को शुक्रवार को एक आभासी कार्यक्रम में लाइफटाइम अचिवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।

तुर्की और यूके स्थित संगठन सिनान व्रेन फ़ाउंडेशन ने महाथिर मोहमद को अपने वार्षिक शेख अहमद अल सिरहिंदी रमजान व्याख्यान के लिए होस्ट किया। इस दौरान उन्होने कहा कि “मुस्लिम देशों को सुशासन सुनिश्चित करना चाहिए।” उन्होंने कहा, “यह सुशासन के कारण है कि [मुस्लिम] देश प्रगति करेंगे।”

मुस्लिम समुदाय को इस्तांबुल से संचालित ऑनलाइन कार्यक्रम में संबोधित करते हुए उन्होने कहा, “मुस्लिम समुदायों को” उन्नत, शिक्षित और खुद को कुशल बनाना चाहिए। उन्होने कहा, “विज्ञान और गणित का ज्ञान बहुत महत्वपूर्ण है और हर किसी के पास होना चाहिए।” उन्होंने कहा, “हर जगह मुसलमानों पर अत्या’चार होता है क्योंकि हम कमजोर हैं।”

पूर्व ओटोमन साम्राज्य को एक विश्व शक्ति के रूप में वर्णित करते हुए महाथिर ने कहा: “हम फिलिस्तीनियों के लिए ज्यादा कुछ नहीं कर सकते जिनकी जमीनें छीन ली गई हैं क्योंकि हम कमजोर हैं और हमारी रणनीति गलत थी।” उन्होंने इस्लामिक सहयोग संगठन में दोषपूर्ण लाइनों का जिक्र करते हुए कहा, “हमारे पास ओआईसी है, लेकिन यह किसी भी चीज पर सहमत नहीं हो सका।”

म्यांमार की स्थिति पर, उन्होंने कहा: “हम कोशिश कर सकते हैं और दबाव डाल सकते हैं, जो कुछ भी हो, आसियान स्तर पर।” उन्होंने कहा, “मैंने म्यांमार के साथ संबंध तोड़ने का प्रस्ताव दिया, लेकिन मैं प्रधान मंत्री नहीं हूँ।” महाथिर ने बार-बार जोर देकर कहा कि मुसलमानों को “क्षमता निर्माण, उच्च शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और खुद को समाज के लिए अपरिहार्य बनाना चाहिए।”