दूसरे साला हज से महरूम रहने पर केन्या के मुसलमानों ने मनाया गम

कोरोना महामारी के चलते सऊदी अरब ने लगातार दूसरी बार हज को सऊदी नागरिकों के लिए ही सीमित कर दिया है। इस साल भी विदेशी नागरिकों को हज की अनुमति नहीं मिली। जिससे केरियाद द्वारा लगाए गए COVID-19 प्रतिबंधों के कारण हज नहीं करेंगे।न्या के मुसलमान दुखी है और उन्होने अपने गम का इजहार भी किया।

राजधानी नैरोबी में मस्जिद अल अक्सा में जुम्मे की नमाज के दौरान जब इस बात का पता चला कि वे इस बार भी रियाद द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण हज नहीं करेंगे। केन्या मुसलमानों की सुप्रीम काउंसिल (सुपकेम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हसन ओले नाडो ने केन्याई मुसलमानों को बताया कि परिषद को कोरोनोवायरस महामारी के कारण 2021 में हज रद्द करने की खबर मिली है।

ओले नाडो ने स्थानीय मीडिया को बताया कि विदेशी हाजियों के लिए पिछले साल और इस साल के हज को रद्द करने से एक सबक यह था कि यह एक “अल्लाह का फरमान” था, केवल अल्लाह ही उन लोगों का चयन करता है जो हज के लिए उनके मेहमान होंगे। ओले नाडो ने केन्याई मुसलमानों को भविष्य में हज के लिए तैयार रहने और अपने गुनाहों के लिए अल्लाह से माफी तलब करने को कहा।

इस दौरान 48 वर्षीय व्यवसायी रजब रामा ने हज के लिए जाने का मौका चूक जाने के बाद निराशा व्यक्त की। वहीं जमाल हकीम ने कहा, “मैं इसके साथ ठीक हूं। यह अब हमारे बाहर है। अगर यह अल्लाह की इच्छा है, तो ऐसा ही हो।”

ऑटोमोबाइल कारोबार से जुड़े 62 वर्षीय हफीज मोहम्मद ने भी निराशा व्यक्त की। उन्होने कहा। “मैं एक दो बार उमराह के लिए गया हूं। जब भी मुझे मौका मिलता है, मैं हमेशा उमराह और हज के लिए जाता हूं। व्यक्तिगत रूप से, मुझे ऐसा लगता है कि मैं वास्तव में इसे हल्के में लेता था। अब मैं उन सभी लोगों के लिए दुखी हूं, जो तीर्थयात्रा पर जाना चाहते था। मुझे जो अवसर मिले उसके लिए मैं अल्लाह का शुक्रिया अदा करता हूं।”