अफ़ग़ानिस्तान में ईरान और तुकी ने किए अपने दूतावास बंद, ये है बड़ी वजह

तालि’बान को लेकर बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच ईरान और तुर्की ने बाल्क प्रांत में स्थित मजार-ए-शरीफ स्थित अपने वाणिज्य दूतावास बंद कर दिए हैं। इसके साथ ही वाणिज्य दूतावासों ने अफगान नागरिकों को वीजा जारी करना बंद कर दिया है जबकि राजनयिकों को भी राजधानी काबुल भेज दिया है।

रूस की TASS समाचार एजेंसी ने भी आज बताया कि अस्थिर स्थिति के कारण रूस के वाणिज्य दूतावास ने शहर में परिचालन निलंबित कर दिया है। इससे पहले खबर आई थी कि पाकिस्तान ने भी अपने ईरान और तुर्की के साथ वाणिज्य दूतावास को बंद कर दिया।

हालांकि, काबुल में पाकिस्तान के दूतावास ने कल की रिपोर्टों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए खारिज कर दिया। बयान में कहा गया, “दूतावास यह बताना चाहेगा कि ये रिपोर्टें तथ्यात्मक नहीं हैं। मजार-ए-शरीफ सहित अफगानिस्तान में पाकिस्तान के महावाणिज्य दूतावास खुले हैं और सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।”

कल पाकिस्तानी प्रधान मंत्री इमरान खान ने ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी के साथ अफगानिस्तान की “बिगड़ती” सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की, जो देश से अमेरिकी सै’न्य वापसी से जुड़ी है। प्रधान मंत्री कार्यालय के एक बयान में कहा गया है: “खान ने यु’द्धग्रस्त देश में दशकों पुराने संघ’र्ष के लिए बातचीत के राजनीतिक समाधान की आवश्यकता पर बल दिया”।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बदख्शां प्रांत के आठ जिलों पर रातों-रात तालि’बान ने कब्जा कर लिया, जिससे सैकड़ों अफगान सरकारी सैनि’क सीमा पार से ताजिकिस्तान भाग गए।