Home अन्तर्राष्ट्रीय यमन में मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए सऊदी है असल ज़िम्मेदार ?

यमन में मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए सऊदी है असल ज़िम्मेदार ?

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यमन एक ऐसा देश जहां के लोगों को हर रोज हमलों का सामना करना पड़ता है, यमन के लोग हर रोज नए-नए संकटों का सामना करते हैं.

सऊदी अरब मानवाधिकार की आलोचना 

म्वाताना आर्गेनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स और कोलंबिया लॉ स्कूल ह्यूमन राईट क्लीनिक ने संयुक्त राष्ट्र के पास एक रिपोर्ट सबमिट की है जिसमे सऊदी अरब के मानवाधिकार की अत्यधिक आलोचना की गयी है.

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मिडिल ईस्ट मॉनिटर की खबरों के अनुसार रध्या अलमुतावाकल,चेयरपर्सन म्वाताना आर्गेनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा की “यमन युद्ध में कोई भी नहीं बचा है, सऊदी गठबंधन के हवाई हमलों ने यमन में कई घरों,स्कूल,हॉस्पिटल और नागरिकों को खत्म किया है , यहाँ तक  सऊदी गठबंधन ने यमन में शादियों वाले स्थानों को भी नहीं देखा और वहाँ पर भी हवाई हमले किये हैं , जहाँ कई मौतें हुई हैं.”

उन्होंने कहा की “जब सरकारें इस वर्ष के अंत में संयुक्त राष्ट्र में सऊदी अरब के मानवाधिकार रिकॉर्ड की समीक्षा करेंगी तो उन्हें ना केवल सऊदी अरब में बल्कि यमन में भी सऊदी आचरण की जांच करनी चाहिए, और मानव अधिकारों को बढ़ावा देने और संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए सिफारिशें प्रदान करनी चाहिए.”

दुनिया का सबसे खराब मानवीय संकट 

रिपोर्ट में सऊदी अरब के महत्वपूर्ण खाद्य आयातों और यमन को मानवीय सहायता के निरंतर प्रतिबंध का भी वर्णन किया गया है, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने “दुनिया में सबसे खराब मानवीय संकट” के रूप में वर्णित किया था.

यमन वर्तमान में सबसे बड़े रिकॉर्ड किए गए कोलेरा महामारी का सामना कर रहा है, और आठ मिलियन से अधिक यमनिस अकाल के गंभीर जोखिम पर हैं.

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