साल के पहले दिन असम से अच्छी खबर आई. इस प्रदेश के अमेरिका स्थित पर्वतारोही हिदायत अली ने अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट विंसन की चोटी पर असमिया गौरव के प्रतीक पुष्प ‘गमोचा’ यानी गमछा फहराया.
गुवाहाटी के साहसिक खेल संगठन एक्सप्लोरर्स के सदस्य हिदायत अली ने माइनस 45 डिग्री सेल्सियस की भीषण ठंड के बीच अपना अभियान जारी रखा. उन्होंने यह उपलब्धि 24 दिसंबर को हासिल की थी, लेकिन उनकी इस उपलब्धि की खबर संचार में दिक्कतों के कारण शनिवार को सामने आई.
अली पहले ही पांच अन्य महाद्वीपों की पांच अन्य चोटियों पर चढ़ाई कर चुके हैं. उन्होंने इससे पहले एशिया में 29,035 फुट माउंट एवरेस्ट, दक्षिण अमेरिका में माउंट एकोंकागुआ (22,838 फीट), अफ्रीका में माउंट किलिमंजारो (19,341 फीट) और यूरोप में माउंट एल्ब्रस (18,510 फीट) और ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट कोस्कुइस्को (7,310 फीट) की चढ़ाई की है.
उन्हें अब सात महाद्वीपों की सात सबसे ऊंची चोटियों को फतह करने वाला पहला असमिया पर्वतारोही बनने के लिए उत्तरी अमेरिका के सबसे ऊंचे पर्वत डेनाली (माउंट मैककिनले, 20,310 फीट) पर चढ़ना है. असम के एक अन्य पर्वतारोही मनीष डेका ने अंटार्कटिका को छोड़कर छह महाद्वीपों की छह सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ाई की है.
51 साल की उम्र में 2022 में माउंट एवरेस्ट को सफलतापूर्वक फतह करने वाले अली अंटार्कटिक अभियान के लिए 14 दिसंबर को सैन फ्रांसिस्को से रवाना हुए.अली 18 दिसंबर को अंटार्कटिका में यूनियन ग्लेशियर पर उतरने के बाद 20 दिसंबर को बेस कैंप पहुंचे.