सऊदी अरब में इस साल रमज़ान में कई गैर-मुसलमानों ने रखा रोज़ा, कहा ये बहुत ही मुश्किल था

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सऊदी अरब में रहने वाले कई गैर-मुसलमानों ने अपने मुस्लिम दोस्तों और सहकर्मियों के साथ रोज़े रखने का फैसल किया इसका कारण ये है की वो वो चाहते थे की उनके और उनके मुस्लिम दोस्तों के बीच मोहब्बत बनी रहे और रिश्ते मज़बूत हो जाए

“आप रमज़ान केवल अपने लिए नहीं मनाते बल्कि आप इसे दूसरो के साथ बांटते भी है ये पल एक दुसरे के साथ दोस्ती और नरमी के साथ रहने के लिए सबसे अच्छा है ”राफेल जैगर, एक गैर-मुस्लिम और एलायंस फ्रैंचाइज़ की रियाद शाखा के प्रमुख ने कहा।

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इसके आगे वो कहते है की “मुझे लगता है कि मैं इस खूबसूरत अनुभव का हिस्सा हूं, और मैं अब रमजान के बारे में सोचता हूं, और मैं जो कर रहा हूं वह सऊदी और फ्रांसीसी संस्कृति के बीच एक पल के निर्माण करने जैसा है।

जैगर तीन साल से रियाद में रह रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि इस रमजान में उन्होंने पहली बार रोज़ा रखा।
वो कहते है सऊदी में उनका पहला साल ऐसे ही बीते इसके बाद लॉकडाउन लग गया लेकिन तब से उसने कई सऊदी दोस्त बनाए और मजबूत रिश्ते बनाए। रमजान की शुरुआत से ठीक पहले, उसके दोस्तों ने उसे इफ्तार में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

जैगर ने कहा, “मैं उनके साथ रोज़े को अनुभव करना चाहता था की कैसा लगता है इसके बाद वो बताते है” रमजान के पहले दिन उनका स्क्वैश मैच था और मैच के दौरान उन्होंने खुद को बेहद प्यासा पाया। “यह पहली बार और बहुत ही चुनौतीपूर्ण अनुभव था कि मैं पानी नहीं पी सकता था लेकिन जो मैंने नहीं पीया, और मुझे खुद पर बहुत गर्व था।

इसी तरह सऊदी में इस बार बहुत सारे गैर मुसलमानो ने रोज़े रखे और अपने मुस्लिम दोस्तों के साथ अपने रिश्ते मज़बूत किये। रमजान का महीना बहुत पाक होता है जिसमे आप खुद को उपरवाले के करीब कर सकते हो इसके साथ ही इस महीने में आप अपने शरीर को भी मज़बूत बनाते हो।

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