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Sunday, December 5, 2021

IIT-दिल्ली की सऊदी और मिस्र में कैंपस खोलने की तैयारी, केंद्र सरकार से मांगी मंजूरी

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली ने विदेशों में दो कैंपस खोलने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मांगी है। इनमें से एक कैंपस मिस्र में और दूसरा सऊदी अरब में खोलने की तैयारी है।

IIT दिल्ली के अधिकारियों ने दोनों देशों के अधिकारियों के साथ चर्चा की है। भारत सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद, IIT दिल्ली दोनों कैंपसों की स्थापना पर काम शुरू कर देगा। मामसे से वाकिफ अधिकारियों ने बताया कि कैंपस को खोलने के लिए फंडिंग संबंधित देश की सरकार देगी।

IIT दिल्ली के डायरेक्टर वी रामगोपाल राव ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा, “हम भारत सरकार के तहत आने वाले इंस्टीट्यूट हैं और हमने विदेशों में कैंपस खोलने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से मंजूरी मांगी हैं।” हालांकि उन्होंने इस मामले में कोई और जानकारी देने से मना कर दिया।

केंद्र सरकार अगर आईआईटी दिल्ली को विदेशों में कैंपस खोलने के लिए मंजूरी देती है, तो यह IIT कॉलेजों के लिए एक नई उपलब्धि होगा। साथ ही यह IIT दिल्ली को एक ग्लोबल इंस्टीट्यूट बना देगा, जो अभी सिर्फ भारत की सर्वश्रेष्ठ इंस्टीट्यूट में से एक है।

साथ ही IIT दिल्ली को अफ्रीका और यूरोप के करीब ला देगा, और इससे विदेशी छात्रों को अपने भारत, सऊदी अरब और मिस्र के कैंपसों में एडमिशन के लिए आकर्षित करने में मदद करेगा। अक्सर कहा जाता है कि अंतर्राष्ट्रीयकरण के अभाव के चलते IIT की ग्लोबल रैंकिंग पर असर पड़ता है।

विदेशी परिसर इंजीनियरिंग और विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्रदान करेंगे। लेकिन इसे संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) प्रणाली के पालन के लिए किसी भी आईआईटी से बीटेक के रूप में बीटेक नहीं कहा जाएगा। इसके बजाय, इन परिसरों में प्रवेश कुछ अन्य वैश्विक इंजीनियरिंग और विज्ञान प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से गुणवत्ता मानक से समझौता किए बिना हो सकता है, जिसके लिए एक दूसरे अधिकारी ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए कहा।

विदेशी कैंपसों में इंजीनियरिंग और साइंस में बैचलर डिग्री ऑफर किया जाएगा। हालांकि एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इन कैंपसों में ऑफर की जाने वाली डिग्री का नाम BTech नहीं होगा क्योंकि BTech में एडमिशन के लिए जॉइंट एंट्रेस एग्जामिनेशन (JEE) पास होने की शर्त है। इसकी जगह इन विदेशी कैंपसों में दूसरे ग्लोबल साइंस और इंजीनियरिंग एंट्रेस एग्जाम के आधार पर प्रवेश दिया जा सकता है, जिससे IIT की अपना स्टैंडर्ड प्रभावित न हो।

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