मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद चाहते हैं विपक्ष करें भारत का समर्थन

मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने मालदीव के विपक्षी दलों से भारत के प्रति “घृणा” और “श’त्रुता” फैलाने से रोकने का अनुरोध किया है। नशीद लोकतांत्रिक तरीके से चुने जाने वाले मालदीव के पहले राष्ट्रपति बने। उन्हें अपने उदार और धर्मनिरपेक्ष विचारों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जाना जाता है।

शुक्रवार को ट्विटर पर नशीद ने कहा कि मालदीव में श’त्रुतापूर्ण और अपमानजनक बयानबाजी की जा रही थी। उन्होंने विपक्षी दलों को भारत के खिलाफ नफरत न फैलाने की भी सलाह दी। दरअसल, कुछ विपक्षी दलों द्वारा स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया में भारत विरोधी भावना भड़का रहे है।

विपक्षी दल देश में “इंडिया आउट” अभियान चला रहे हैं, जिससे भारतीय राजनयिक समुदाय असुरक्षित महसूस कर रहा है। भारतीय उच्चायोग ने मालदीव के विदेश मंत्रालय को एक पत्र भी लिखा था जिसमें स्थानीय मीडिया में भारतीय राजदूतों पर व्यक्तिगत हमलों पर प्रकाश डाला गया था।

हालांकि राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह के नेतृत्व वाली मालदीव की वर्तमान सरकार, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय सरकार के करीब है। यहां तक ​​​​कि भारत अपनी ‘पड़ोसी पहले’ नीति के तहत मालदीव के साथ विकासात्मक और वित्तीय संबंधों को मजबूत कर रहा है।

सोलिह और नशीद को चीन से दूरी बनाने और भारत के साथ संबंध बहाल करने के लिए विपक्ष में रूढ़िवादी तत्वों के भड़काऊ बयानों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में नशीद पर एक जा’नलेवा ह’मला भी हुआ था। जिसमे वे बाल-बाल बचे।