तुर्की के बिना यूरोपीय संघ अपना अस्तित्व बनाए नहीं रख सकता: एर्दोआन

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन ने रविवार को यूरोप डे के अवसर पर एक संदेश जारी किया। दरअसल हर साल 9 मई को “यूरोप में शांति और एकता का जश्न मनाया जाता है।”

एर्दोआन ने कहा, “मजबूत वैश्विक अभिनेता होने की राह में यूरोपीय संघ की प्रमुख बाधा रणनीतिक धैर्य और दूरदर्शिता की कमी है।” उन्हें एक नई संस्थागत संरचना और दृष्टि की भी जरूरत है।

यह देखते हुए कि यूरोपीय संघ शरणार्थी संकट, इस्ला’मोफोबिया, ज़ेनो’फोबिया, वित्तीय नाजुकता और कोवि’ड ​​-19 महा’मारी जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, तुर्की के राष्ट्रपति ने उन समस्याओं पर काबू पाया, जो संघ और उसके भविष्य के लिए खत’रा है। यूरोपीय संघ का अस्तित्व एकजुटता और सहयोग पर निर्भर करता है।

उन्होने कहा, तुर्की यूरोपीय संघ के सामने आने वाली समस्याओं को हल करने के लिए तैयार है। एर्दोआन ने जोर दिया, “यह स्पष्ट है कि संघ हमारे देश के योगदान और समर्थन के बिना दृढ़ता से सहन नहीं कर सकता है।”

उन्होंने कहा कि तुर्की दोहरे मानकों और बाधाओं के बावजूद यूरोपीय संघ में सदस्यता की दिशा में अपने निर्णायक रवैये और प्रयासों को बनाए रखता है।