इस्ला’मोफो’बिया से मुक़ाबले के लिए मजबूत कम्यूनिकेशन नेटवर्क की जरूरत: एर्दोआन

तुर्की के राष्ट्रपति ने मंगलवार को कहा कि इस्ला’मोफोबि’या के पीड़ित देशों को अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में एक मजबूत संचार (कम्यूनिकेशन) नेटवर्क स्थापित करना चाहिए।

रेसेप तईप एर्दोआन ने पहले अंतर्राष्ट्रीय मीडिया और इस्ला’मोफो’बिया से जुड़ी एक वर्कशॉप के दौरान कहा, “इस्ला’मोफो’बिया को रोकने के प्रयास, जो पूरी मानवता की शांति और सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, कॉमन मेकेनिस्म सिस्टम के माध्यम से स्थापित किए जाने चाहिए।”

एर्दोआन ने जोर देकर कहा कि इस्ला’मोफोबि’या दुनिया के कई हिस्सों में तेजी से फैल रहे कैंसर की तरह है, खासकर पश्चिम में।

उन्होंने कहा कि 9/’11 के बाद अमेरिकी प्रशासन द्वारा शुरू की गई “मुसलमानों को शै’ता’न बनाने” की रणनीति में एक ऐसा कार्य था जिसने “इस्ला’मोफो’बिया के वायरस” को ट्रिगर किया जो पहले से ही कई समाजों की सांस्कृतिक संरचना में मौजूद था।

वर्कशॉप का आयोजन रेडियो और टेलीविजन सुप्रीम काउंसिल (RTUK), धार्मिक मामलों की प्रेसीडेंसी, Erciyes University, तुर्की रेडियो और टेलीविजन कॉर्पोरेशन (TRT), और अंकारा स्थित नीति थिंक-टैंक SETA फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है।