एर्दोगन ने लीबिया को लेकर अज़रबैजान को दिया बड़ा ऑफर, बदल सकती है किस्मत

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने अपने अज़रबैजानी समकक्ष, इल्हाम अलीयेव को लीबिया में संयुक्त ड्रिलिंग और अन्वेषण कार्यों का संचालन करने का प्रस्ताव दिया है। उन्होने प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से स्वीकार भी कर लिया।

ब्रुसेल्स में ना’टो शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद, एर्दोगन अज़रबैजान गए जहां उन्होंने राष्ट्रपति अलीयेव से मुलाकात की। पिछले साल अर्मेनिया से अज़ेरी बलों द्वारा तुर्की के समर्थन से कब्जा कर लेने के बाद  उन्होने नागोर्नो-कराबाख के अज़ेरी-नियंत्रित क्षेत्र का दौरा भी किया। एर्दोगन ने राजधानी बाकू में पत्रकारों के साथ बैठक भी की।

यह पूछे जाने पर कि क्या तुर्की और अजरबैजान के पास काला सागर जैसे क्षेत्रों में संयुक्त रूप से गैस और तेल का पता लगाने की कोई योजना है तो एर्दोगन ने कहा, “जैसे हम TAP [ट्रांस एड्रियाटिक पाइपलाइन] और TANAP [ट्रांस-एनाटोलियन गैस पाइपलाइन] में एक साथ हैं। हम लीबिया में अपने प्रिय मित्र इल्हाम अलीयेव के साथ ऐसा कदम उठा सकते हैं।”

पिछले कुछ वर्षों में, अंकारा और बाकू के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग में काफी वृद्धि हुई है, जिसमें TAP और TANAP जैसी पाइपलाइनों का निर्माण और संचालन किया गया है।

अज़रबैजान 2020 के पहले आठ महीनों में तुर्की का गैस का शीर्ष आपूर्तिकर्ता बन गया और इस संबंध में रूस और ईरान दोनों को पीछे छोड़ दिया। अब कई लोगों द्वारा भविष्यवाणी की गई है कि आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में पारंपरिक ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं के रूप में रूस और ईरान को चुनौती दी जाएगी।