भारतीय के पास नहीं थे कोरोना के इलाज के पैसे, दुबई में अस्पताल ने किया डेढ़ करोड़ का बिला माफ

दुबई के अस्पताल ने दुनियाभर में चर्चा बटोरी है और इस चर्चा की वजह हॉस्पिटल की इंसानियत है। यह दुनिया का पहला अस्पताल है जिसने ऐसा काम किया है। दुबई के एक अस्पताल में कोविड -19 का इलाज होने के बाद भारतीय प्रवासी का एक करोड़ 52 लाख का बिल माफ़ किया गया साथ ही घर वपसी के लिए उसे फ्री टिकट भी दिया गया।

गल्फ न्यूज़ के मुताबिक़, दुबई के एक बड़े अस्पताल ने कोरोना से पीड़ित हुए हैदराबाद के 42 वर्षीय राजेश लिंगैया का इलाज किया और उस मरीज के ठीक होने के बाद उनका अस्पताल का बिल करीब एक करोड़ 52 लाख रुपये के करीब बना। अस्पताल ने मरीज की आर्थिक हालत को देखते हुए इस बिल को माफ कर दिया।

कोरोना काल के इस दौर में पूरी दुनिया संकट से जूझ रही है। नए मरीजों की संख्या रोजाना रिकॉर्ड तोड़ रही है। संकट के भीषण दौर में भी दुबई के एक अस्पताल ने ऐसा कदम बेहद सराहनीय है । साथ ही शख़्स को 10 हज़ार का फ्री टिकट भी दिया गया ताकि वह शांतिपूर्वक अपने घर लौट सके।

इस सबंध में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने भी हस्तक्षेप किया और मानवीय आधार पर बिल माफी के लिए अपील करते हुए अस्पताल को एक पत्र लिखा था।दुबई के इस अस्पताल द्वारा दिखाई गई इस दरिया दिली की पूरी दुनिया में प्रशंसा हो रही है। साथ ही सोशल मीडिया पर भी यह खबर काफी वायरल और शेयर की जा रही है।

वाणिज्य दूतावास ने अस्पताल को लिखे अपने पत्र में कहा, “नवीनतम चिकित्सा रिपोर्टों के अनुसार, हम समझते हैं कि राजेश ने वायरस के लिए नकारात्मक और निर्वहन के लिए शर्त को बदल दिया है। परिवार उसे जल्द से जल्द भारत वापस लाने का अनुरोध कर रहा है और अस्पताल के विशाल प्रभार को वहन करने में अपनी वित्तीय असमर्थता व्यक्त की है।”

अस्पताल ने वाणिज्य दूतावास के पत्र का सकारात्मक जवाब दिया और बिना किसी शुल्क के रोगी को छुट्टी दे दी। खेरज टाइम्स ने कहा, “हम इस भारी भरकम बिल को माफ करने और उसे वापस भारत आने की इजाजत देने के महान मानवीय इशारे के लिए दुबई हेल्थ अथॉरिटी के आभारी हैं।”


    देश के अच्छे तथा सभ्य परिवारों में रिश्ता देखें - Register FREE