बढ़ते इस्लाम के बीच जर्मनी ने किया इमामों को प्रशिक्षण देने का ऐलान

जर्मनी में तेजी के साथ इस्लाम फ़ेल रहा है। ऐसे में अब जर्मनी ने इमामों के लिए एक राज्य समर्थित प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने की योजना बनाई। हालांकि तुर्की समूहों ने इस योजना की आलोचना की है। तुर्की समूहों का कहना है कि केवल धार्मिक समुदाय ही अपने नेताओं को प्रशिक्षित करने के हकदार हैं।

दरअसल, जर्मन सरकार ने विदेशों से आने वाले इस्लामी नेताओं की संख्या को कम करने में मदद करने के लिए पहल शुरू की।

तुर्की इस्लामिक यूनियन फॉर रिलिजियस अफेयर्स (DITIB) और नेशनल विजन (मिली गोरस) सहित देश में अग्रणी तुर्की-मुस्लिम समूहों ने जर्मन कॉलेज ऑफ इस्लाम के निर्माण में भाग नहीं लेने का फैसला किया।पिछले साल जर्मनी में DITIB ने अपना खुद का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया।

जर्मनी के पहले इस्लामिक कॉलेज ने मई में इमामों को प्रशिक्षण देना शुरू किया था। जर्मनी में इमामों का समर्थन करने वाले मुस्लिम देशों से स्वतंत्रता प्राप्त करने के प्रयास में जर्मन में निर्देश दिया जाता है और आंशिक रूप से जर्मन सरकार द्वारा वित्तपोषित किया जाता है।

डॉयचे वेले की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार समर्थित इस्लाम कॉलेज कार्यक्रम का पहला कार्यकाल 20 पुरुष और महिला उम्मीदवारों को दो साल की शिक्षा प्रदान करेगा। जर्मनी 81 मिलियन लोगों का घर है और फ्रांस के बाद पश्चिमी यूरोप में दूसरी सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी की मेजबानी करता है।