अक्साई चिन के करीब चीन ने तैनात किए 50000 सैनिक, युद्ध के बन रहे आसार?

चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने अब दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) में 50 हजार सैनिकों की तैनाती कर दी है। ये इलाका अक्साई चिन के करीब है। ऐसे में साफ तौर पर अब दोनों देशों के बीच युद्ध के बादल मँडराते हुए दिख रहे है। इसी बीच अब भारत ने भी अपने परमाणु हथियारों को पाकिस्तान के अलावा चीन सीमा पर भी स्थानांतरित कर दिया है।

पहली बार भारतीय सेना ने भी एक स्क्वाड्रन यानी ​​12 टी-90 मिसाइल फायरिंग टैंक, बख्तरबंद और एक पूर्ण टुकड़ी ब्रिगेड को तैनात किया है। भारत ने काराकोरम पास पर चीन के किसी भी दुस्साहस को रोकने के लिए 4,000 बख्तरबंद सैनिकों को डीबीओ (काराकोरम पास के निकट अंतिम चौकी) में स्थानांतरित कर दिया है।

भारत ने चीन सीमा पर 5 हजार किलोमीटर तक के दायरे में इस्तेमाल की जाने वाली ​​अग्नि मिसाइल तैनात की है जो परमाणु हथियारों से लैस होकर 1 टन पेलोड ले जाने में सक्षम है। अग्नि पांच के लॉन्चिंग सिस्टम में कैनिस्टर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।​इस​​की वजह से इस मिसाइल को कहीं भी बड़ी आसानी से ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है।

बता दें कि  अक्साई चिन जम्मू-कश्मीर का वह हिस्सा है, जिसमें जम्मू-कश्मीर का 15 फीसदी हिस्सा आता है। अक्साई चिन को 1950 से ही चीन ने अपने कब्जे में कर रखा है और सन 1962 के युद्ध में कब्ज़ा जमा लिया था। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाते समय भी संसद में गृहमन्त्री अमित शाह ने इसे जम्मू-कश्मीर का हिस्सा कहा था।

अब चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) में अक्साई चिन से महज 7 किमी. दूर करीब 50 हजार सैनिकों की तैनाती करने से एक बात साफ हो गई है कि चीन न केवल लद्दाख बल्कि अक्साई चिन के भी बड़े मिशन पर है। ऐसा लगता है कि चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है।


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