ब्रिटिश सांसद ने संसद में उठाया पैगंबर मुहम्मद (सल्ल.) की पवित्रता का मुद्दा, कानून के लिए पेश किया बिल

यूरोप में बार-बार प्रकाशित होने वाले आपत्तिजनक कार्टून और कैरिकेचर से हो रहे दुनिया भर के मुसलमानों के भावनात्मक तनाव और नुकसान को उजागर करते हुए एक ब्रिटिश सांसद ने संसद में एक भावुक भाषण देते हुए इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद (सल्ल.) के सम्मान और उनकी पवित्रता का मुद्दा उठाया।

विपक्षी लेबर पार्टी के सांसद नाज़ शाह ने सोमवार को हाउस ऑफ़ कॉमन्स को एक प्रस्तावित कानून के बारे में संबोधित किया, जिसका उद्देश्य कार्टून और कैरिकेचर की बर्ब’रता को अप’राधीकरण करना और ऐसे प्रतीकों के विनाश से होने वाले भावनात्मक नुकसान को कम करना है।

यदि यह बिल पारित हो जाता है, तो कानून पर बनने पर कार्टून और कैरिकेचर के जरिये हम’ला करने के दोषी पाए जाने वाले को 10 साल तक की जे’ल की स’जा होगी। शाह ने अपने भाषण का इस्तेमाल ब्रिटेन और दुनिया भर में मुसलमानों द्वारा सामना किए जाने वाले उन्हीं मुद्दों को उजागर करने के लिए किया, जब उनकी मानहानि की बात आती है।

उन्होने कहा, “एक मुसलमान के रूप में, मेरे लिए और इस देश के लाखों मुसलमानों के लिए और दुनिया की एक चौथाई आबादी के लिए, जो कि मुस्लिम भी है, हर दिन और हर सांस के साथ, दुनिया में एक भी चीज नहीं है जिसे हम अपने से ज्यादा याद और सम्मान करते हैं। प्रिय पैगंबर मुहम्मद (शांति हो उन पर)।”

शाह ने विंस्टन चर्चिल और ओलिवर क्रॉमवेल जैसी शख्सियतों के प्रति ब्रिटिश लोगों के लगाव और मुसलमानों के अपने पैगंबर के प्रति प्रेम और प्रेम की तुलना की।  जिस तरह इस नए कानून का उद्देश्य यूके के ऐतिहासिक आंकड़ों की रक्षा करना है, उसी तरह की सुरक्षा उन आंकड़ों और व्यक्तियों को भी दी जानी चाहिए जो अन्य समुदायों के लिए महत्व रखते हैं।