अरब पार्टी इजरा’यल के संसदीय चुनाव में किंगमेकर के रूप में उभरी

दो साल में चौथे चुनाव के बाद एक बार फिर इजरा’यल में एक अरब पार्टी रा’आम किंगमेकर के रूप में उभरी है। एक बार फिर कोई भी पार्टी बहुमत प्राप्त करने में असफल रही है।

2000 के दशक की शुरुआत के बाद से बुधवार को आधिकारिक तौर पर इसके सदस्यों ने Knesset में प्रवेश किया। 90 प्रतिशत से अधिक मतों की गिनती के साथ, इस्लामवादियों ने पांच सीटें हासिल की, इस्लामवादियों की उपेक्षा कर न तो प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और न ही उनके विपक्ष बिना बहुमत के सरकार बना सकते है।

अरब पार्टी कभी भी इज़’राइल में सरकार में नहीं बैठी, और ऐसी पार्टियाँ प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की दक्षिणपंथी विचारधारा को साझा नहीं करती हैं। जबकि नेतन्याहू समर्थक और नेतन्याहू विरोधी दोनों ही धड़े अगली सरकार बनाने में रा’म का समर्थन लेने की दुविधा में हैं।

पार्टी के नेता मंसूर अब्बास ने कहा कि वह इजरायल के अरब नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए नेतन्याहू के साथ काम करने के लिए खुले है, जो लगभग 20% आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।

एमके माजेन घानाम ने द टाइम्स ऑफ इज़राइल को बताया “बेन गेवीर जैसे किसी व्यक्ति के साथ बैठना बहुत मुश्किल होगा जो अरब समाज के लिए ऐसी दुश्मनी महसूस करता है। उस मामले में, हम सरकार के बाहर अपने लोगों के अधिकारों की मांग कर सकते हैं क्योंकि जब नेतन्याहू बेन गविर जैसे किसी व्यक्ति के साथ बैठता है, तो उस सरकार का सदस्य बनना बहुत कठिन है।

यह पूछे जाने पर कि क्या “बहुत कठिन” का मतलब “असंभव” है, घाना ने कहा: “मैं कहूंगा कि यह असंभव है।”