अफगानिस्तान में चुनाव होता है तो वह अलग हट जाएंगे: राष्ट्रपति अशरफ गनी

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने ताजिकिस्तान में एक क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन में शांति की अपनी योजनाओं की रूपरेखा देते हुए कहा कि अगर चुनाव हुआ तो वह अलग हट जाएंगे।

गनी ने उस प्रस्ताव का विरोध किया। जिसमे कहा जा रहा है कि चुनाव होने से पहले ही उन्हें हटना होगा।

गनी ने मंगलवार को दुशांबे में सम्मेलन में कहा, “मैं जल्द से जल्द संभावित समय में चुनाव कराने का समर्थन करता हूं।” “मेरा सबसे बड़ा सम्मान मेरे निर्वाचित उत्तराधिकारी को अधिकार सौंपना होगा।”

रॉयटर्स के अनुसार ग़नी ने छह महीनों के भीतर नए राष्ट्रपति चुनावों का प्रस्ताव रखा, एक योजना के तहत उन्होंने अमेरिकी प्रस्ताव के प्रतिपक्ष के रूप में यह प्रस्ताव रखा।

गनी, जिन्होंने 2014 में पदभार संभाला था और पिछले साल दूसरे पांच साल के कार्यकाल के लिए शपथ ली थी। उन्होने ये भी कहा कि एक बार राजनीतिक समझौता हो जाने के बाद, इसे अंतरराष्ट्रीय निगरानी के साथ अफगान विधानसभा द्वारा समर्थित किया जाना चाहिए। जिसे लोया जिरगा के रूप में जाना जाता है।

दूसरी और तालि’बान ने कहा है कि वे सीधे अंतरिम सरकार में शामिल नहीं होंगे।

अमेरिका ने हाल ही में एक मिलीजुली सरकार के गठन का सुझाव दिया – जिसे “शांति सरकार” कहा जाता है – जिसमें तालि’बान शामिल होगा।

इस योजना के तहत, एक नए संविधान का मसौदा तैयार किया जाएगा और चुनाव के बाद सत्ता को अंततः एक स्थायी सरकार को हस्तांतरित किया जाएगा।

वाशिंगटन एक सम्मेलन की भी तैयारी कर रहा है जिसमें उसने संयुक्त राष्ट्र से तुर्की में जल्द ही आयोजित करने के लिए कहा है, हालांकि तारीख की घोषणा नहीं की गई है।