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Tuesday, October 19, 2021

राजदूत की बेटी के ‘अप’हरण’ पर अफगानिस्तान ने पाक से अपने राजनयिकों को वापस बुलाया

काबुल में विदेश मंत्रालय के अनुसार, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने इस्लामाबाद में राजदूत की बेटी के कथित अपह’रण पर रविवार को पाकिस्तान से देश के राजदूत और अन्य राजनयिकों को वापस बुला लिया। मंत्रालय ने शनिवार को राजदूत नजीबुल्लाह अलीखिल की 26 वर्षीय बेटी सिलसिला अलीखिल का शुक्रवार को अज्ञात लोगों द्वारा अप’हरण किए जाने का वि’रोध किया। हालांकि वह कुछ घंटे बाद ही मुक्त हो गई थी।

मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में कहा, “पाकिस्तान में अफगान राजदूत की बेटी के अपह’रण के बाद, अफगानिस्तान इस्लामिक गणराज्य के नेतृत्व ने अफगानिस्तान के राजदूत और वरिष्ठ राजनयिकों को पाकिस्तान से वापस बुला लिया, जब तक कि सभी सुरक्षा ख’तरों को संबोधित नहीं किया जाता है, जिसमें (इस) अपहर’ण के अपरा’धियों की गि’रफ्तारी और मुकदमा शामिल है।

सिलसिला अलीखिल का कथित तौर पर पाकिस्तानी राजधानी इस्लामाबाद के बीच में अप’हरण कर लिया गया था, उन्हे  कई घंटों तक बंध’क रखा गया और उनको बेरहमी से प्रता’ड़ित भी किया गया। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, उनके सिर पर चो’ट लगी, उनकी कलाई और पैरों पर रस्सी के निशान थे और उन्हे बुरी तरह पी’टा गया था।

मंत्रालय ने कहा, “एक अफगान प्रतिनिधिमंडल मामले और सभी संबंधित मुद्दों का आकलन करने के लिए जल्द ही पाकिस्तान का दौरा करेगा। निष्कर्षों के आधार पर बाद की कार्रवाई का पालन किया जाएगा” इस बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि देश की सरकार को उम्मीद है कि गनी अफगान राजनयिकों को वापस बुलाने के फैसले पर पुनर्विचार करेंगे।

मंत्रालय ने कहा, “पाकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत, उनके परिवार और दूतावास और वाणिज्य दूतावास के कर्मियों की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।” “विदेश सचिव ने आज अफगानिस्तान के राजदूत से मुलाकात की, इस संदर्भ में सरकार द्वारा उठाए गए सभी कदमों पर प्रकाश डाला और उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। हमें उम्मीद है कि अफगानिस्तान की सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगी।

अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई के पूर्व सलाहकार टोरेक फरहादी ने अरब न्यूज को बताया कि तालिबान के साथ शांति वार्ता के इस समय में अफगानिस्तान और पाकिस्तान का घनिष्ठ सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति गनी कुछ दिन इंतजार कर सकते थे और अफगान संसद के परामर्श से ऐसा निर्णय ले सकते थे।” फरहादी ने कहा, “सिसिला अलीखिल के साथ जो हुआ उसका भावात्मक पहलू पूरी तरह से समझ में आता है, लेकिन राष्ट्रपति का ऐसा फैसला जल्दबाजी में लगता है।”

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