संयुक्त अरब अमीरात में फंसी केरल की 230 भारतीय नर्सों को मिली नौकरी

भारत में दलालों के द्वारा ठगी जाने के बाद संयुक्त अरब अमीरात में फंसी केरल की करीब 230 भारतीय नर्सों को यहां के प्रमुख निजी स्वास्थ्य देखभाल समूहों ने काम पर रख लिया है।

जानकारी के अनुसार इन सभी से 200,000 रुपये से लेकर 350,000 रुपये तक का अत्यधिक कमीशन लिया गया था। इन नर्सों को यूएई में वेक्सीन प्रोजेक्ट से जुड़ी नौकरियों का प्रलोभन दिया गया। जबकि ऐसी कोई नौकरियाँ नहीं थी।

एनएमसी हेल्थकेयर के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, “कई संभावित नर्सों में से 24 का साक्षात्कार लिया गया है और वे चयन, भर्ती और नियुक्ति के विभिन्न चरणों में हैं।” एनएमसी के बयान में कहा कि”जल्दी नौकरी पाने के उनके उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए, हम 11 जून को अबू धाबी और शारजाह में वॉक-इन नर्सिंग कार्यक्रमों की एक श्रृंखला की मेजबानी कर रहे हैं।”

एस्टर डीएम हेल्थकेयर की ग्रुप चीफ एचआर ऑफिसर फरा सिद्दीकी ने कहा कि ग्रुप ने नर्सों के लिए वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किया था और प्रभावित हुई 100 से अधिक नर्सों को नौकरी की पेशकश की थी।

राइट हेल्थ के प्रबंध निदेशक डॉ संजय एम पैठंकर ने कहा: “हमने लगभग 40 नर्सों का साक्षात्कार लिया है और 14 को काम पर रखा गया है। हम 12 और लोगों को नियुक्त करने की प्रक्रिया में हैं।” पैठंकर ने कहा कि वह कई नर्सों की योग्यता और अनुभव से प्रभावित हैं।

उन्होंने कहा, “वे अत्यधिक अनुभवी महिलाएं हैं जो भारत के शीर्ष अस्पतालों में काम कर रही थीं।” उन्होंने कहा कि यह पहली बार है कि बिना लाइसेंस वाली नर्सों को अस्थायी परमिट पर काम करने की अनुमति दी जा रही है। “उन्हें आवास और परिवहन प्रदान किया गया है। हम उन्हें तीन महीने में लाइसेंस के लिए परीक्षा लिखने में मदद करेंगे।”