कोरोना के बाद लोगो में मंकीपॉक्स वायरल की दहशत, ये लक्षण दिखने पर तुरंत करे खुद को ऑयसोलेट

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कोरोना के बाद मंकीपॉक्स वायरल में पूरी दुनिया में लोगों के दिलों में दहशत पैदा करती है मंकीपॉक्स एक ऐसी बीमारी है जो जानवरों से मनुष्य में फैलती है जिसमें मनुष्य में स्मालपॉक्स जैसे लक्षण देखा गया है मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox Virus) एक डबल-स्ट्रैंडेड डीएनए वायरस है जो पॉक्स विरिडे परिवार के ऑर्थो पॉक्स वायरस जीनस से संबंधित है।

इंसानो में मंकीपॉक्स की जो पहचान है वह सबसे पहले 1970 में रिपब्लिक ऑफ कांगो में देखने को मिली थी जहां एक 9 साल के लड़के को ऐसे लक्षण हो गए थे कांगो में 1968 में स्मॉल पॉक्स को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया लेकिन कई मामलों में ऐसा देखने को मिला जहां बहुत ज़्यादा गर्मी वा बारिश होती थी वहां पर इस तरह के मामले सामने आए थे

मंकीपॉक्स के लक्षणों की शुरुआत दरअसल बहुत ही आम तरीके से होती है जो कि 6 से 13 दिनों तक चलती है लेकिन कभी-कभी ये 5 से 21 दिनों तक भी जा सकता है जिसमें तेज बुखार तेज सर दर्द लिंफ नोड्स की सूजन पीठ में दर्द और मसल्स में पेन होता है इसके साथ ही एनर्जी बहुत ज्यादा कम लगती है।

इस तरह के लक्षण मंकीपॉक्स में देखने को मिलते हैं जो बिल्कुल स्मॉल पॉक्स की तरह ही होते हैं इसके साथ ही स्किन का फटना आमतौर पर बुखार दिखने के 1 से 3 दिनों के अंदर दिखना शुरू हो जाता है दाने गले के बजाय चेहरे और हाथ पर ज्यादा दिखाई देते हैं यह चेहरे और हाथों की हथेली और पैरों को भी काफी ज्यादा मात्रा में कवर करते है।

हालाँकि अभी मंकीपॉक्स को लेकर किसी तरह की दवा वा वैक्सीन का निर्माण नहीं हुआ लेकिन अगर आप ये लक्षण देखे तो खुद ऑयसोलेट करने में ही बेहतरी है उसके बाद डॉक्टर से तुरंत संपर्क कर हालांकि डॉक्टर्स का कहना है की यह इलाज की दृष्टि से कम गंभीर है

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