सुशांत सिंह केस: SC के आदेश के खिलाफ रिव्यू पीटिशन दायर करेगी महाराष्ट्र सरकार

सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की खुदखुशी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंप दी है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुशांत सिंह टैलेंटेड एक्टर थे और निष्पक्ष जांच समय की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर महाराष्ट्र सरकार रिव्यू पीटिशन दायर करने की बात कहीं है।

सरकार में गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कोई भी ठोस प्रतिक्रिया देने से पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति का इंतजार करने को कहा है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, देशमुख ने कहा कि ‘सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है, जब हमें आदेश की प्रति मिल जाएगी, तब हम इसपर कुछ बोलें।’

वहीं महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देंगे और रिव्यू पिटीशन डालेंगे। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहले इस फैसले को विस्तार से पढ़िए और उसके बाद रिव्यू पिटीशन दायर करने पर विचार कीजिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये 35 पेज का फैसला है और हर पहलू का बारिकी से अध्ययन करने के बाद ये फैसला सुनाया गया है।

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि पटना में दायर की गई एफआईआर भी कानूनी तौर पर सम्मत है। कोर्ट अपने फैसले में कहा कि नीतिश सरकार की तरफ से सीबीआई जांच की सिफारिश सही थी। कोर्ट ने कहा कि अब महाराष्ट्र सरकार को जांच में सहयोग करना होगा। कोर्ट ने कहा कि मुंबई पुलिस को सारे सबूत सीबीआई को सौंपने होंगे।

बता दें कि महाराष्ट्र सरकार लगातार इस मामले में सीबीआई जांच का विरोध कर रही थी और उसका कहना था कि मामला मुंबई पुलिस के पास ही रहने दिया जाए। उसने बिहार पुलिस के पास सुशांत के परिवार की ओर से दर्ज कराए गए एफआईआर को अवैध भी बताया था।


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