कड़ी धूप में ट्रकों से आने वाले प्रवासी मजदूरों को क्रिकेटर सरफराज बांट रहे हैं खाना

लॉकडाउन के कारण मुंबई न लौट सके आइपीएल क्रिकेटर सरफराज खान रमजान के महीने में खिदमत ए खल्क में लगे हुए है। वह कड़ी धूप में ट्रकों से आने वाले प्रवासी मजदूरों को खाना बांट रहे हैं।

सरफराज गोरखपुर मार्ग पर अंजान शहीद और बागखालिस बाजार के बीच ट्रकों पर सवार होकर गुजरने वाले प्रवासियों को रोककर फल, बिस्किट और पानी देने के बाद ही आगे जाने दे रहे हैं। उनके इस नेक काम में उनके छोटे भाई मुंबई रणजी टीम के कप्तान मुसीर खान, पिता नौशाद खान और माता तबस्सुम बानो भी साथ दे रहे है।

उनके परिवार ने इस बार ईद के खर्च को प्रवासी मजदूरों की खिदमत में खर्च करने का फैसला किया है। सरफराज खान ने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में रोजा रखकर निरंतर सेवा करेंगे। क्षेत्र के वासूपार निवासी सरफराज खान आइपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट निरस्त होने के बाद अपने घर 10 मार्च को पहुंचे और अब तक लॉकडाउन की वजह से छतरपुर दलेल स्थित ननिहाल शमीम अयूब खान के घर परिवार के साथ रुके हैं।

मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सरफराज ने कहा कि यह उनके पिता का विचार है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक, लगभग 1000 खाद्य पैकेट वितरित किए गए हैं। प्रत्येक खाद्य पैकेट में एक सेब, केला, केक, बिस्कुट और पानी की बोतल होती है।

उल्लेखनीय है कि सरफराज खान रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलते हैं। वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए भी खेलते हैं। 2014 और 2016 के U-19 क्रिकेट विश्व कप में, सरफराज ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।


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