गालिब और इकबाल के नाम से फर्जी शायरी करते पकड़े गए अमिताभ बच्चन

महाकवि हरिवंशराय बच्चन के सुपुत्र और बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन को उस वक्त शर्मिंदगी उठानी पड़ गई। जब उन्होने अल्लामा इकबाल और मिर्जा ग़ालिब के नाम से फर्जी शायरी की। उन्हे सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल की लताड़ सुनने को मिली।

दरअसल, सोमवार देर रात अमिताभ बच्चन ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक फोटो शेयर की। जिसमे लिखा था, ‘दो मशहूर शायरों के अपने-अपने अंदाज़- मिर्ज़ा ग़ालिब: उड़ने दे इन परिंदों को आज़ाद फिज़ा में ग़ालिब, जो तेरे अपने होंगे वो लौट आएंगे…।’

पहले शेर के जवाब में दूसरा शेर कुछ इस प्रकार था, ‘शायर इक़बाल का उत्तर- ना रख उम्मीद-ए- वफ़ा किसी परिंदे से..जब पर निकल आते हैं तो अपने भी आशियाना भूल जाते हैं।’ हालांकि दोनों ही शेर ना गालिब के हैं और ना ही इकबाल के।

ऐसे में एक यूजर मृणाल पांडे ने ट्वीट किया, ‘यह तो भाजपा हाईकमान और सुवेंदू के बीच का संवाद अधिक प्रतीत होता है। वहीं बॉलीवुड निर्देशक अविनाश दास ने भी कहा कि ‘सर, आपने जो ये दो शेर दो शायरों के नाम से चिपकाए हैं, वो फ़र्ज़ी शेर हैं। इन दोनों शायरों ने कभी इतने ख़राब शेर नहीं कहे। लगता है आजकल आप भी व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से जुड़ गए हैं और साहित्य, इतिहास के कचरे को प्रचारित-प्रसारित करने लगे हैं।’

 

इसके अलावा लल्लनटॉप के असिस्टेंट एडिटर मुबारक ने ट्वीट किया, ‘ग़ालिब और इक़बाल को भी आपकी फ़िल्म ‘मुग़ल-ए-आज़म’ इतनी ही पसंद आई थी सर।’ प्रभात रंजन नाम के एक यूजर ने लिखा, ‘लगता है बच्चन साहब अपने ट्विटर मैनेजर को ठीक से सैलरी नहीं दे रहे।’