अभिनेता रवि चोपड़ा का कैंसर से निध’न, गुरुद्वारा में खाना खाकर गुजारे अंतिम दिन

नई दिल्ली: कोरोनावायरस लॉकडाउन के बीच बॉलीवुड अभिनेता रवि चोपड़ा का कैंसर के कारण निध’न हो गया हैंl उनका परिवार गरीबी के कारण अस्पताल में उनजा इलाज भी नहीं करा सका। रवि चोपड़ा को रतन के नाम से भी जाना जाता था। हालांकि रवि चोपड़ का असली नाम अब्दुल जब्बार खान था।

1972 में आई फिल्म ‘मोम की गुड़िया’ से वह लोकप्रिय हुए थे। शुक्रवार रात पंजाब के मालेर कोटला में अपने पैतृक घर में अंतिम सांस ली। उन्होंने बॉलीवुड के बड़े कलाकारों जैसे अक्षय कुमार (Akshay Kumar), धर्मेंद्र (Dharmendra) और सोनू सूद (Sonu Sood) से मदद मांगी थी।

70 साल के रवि चोपड़ा इतनी गरीबी से जूझ रहे थे कि उन्हें दो वक्त की रोटी के लिए भी कभी गुरुद्वारा तो कभी मंदिरों में लगने वाले लंगर पर निर्भर रहना पड़ता था। उन्होंने लड़खड़ाती जुबान से ऐक्टर्स से हेल्प मांगी थी और कहा था, अगर मेरा शरीर साथ देता तो मैं नौकरी कर लेता लेकिन मैं रोटी के लिए भी लंगर पर निर्भर हू।

उनके निधन की पुष्टि उनकी गोद ली हुई बेटी अनीता ने की। उन्होंने ‘मोम की गुड़िया’ में तनुजा के साथ काम किया था। इस फिल्म के बाद उन्हें कई फिल्में ऑफर हुईं लेकिन उनकी घरवालों को यह काम पसंद नहीं थी। इसके चलते उन्होंने ऐक्टिंग छोड़ दी थी।


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