Home विचार न्यूज़ एंकर का तंज़ “मदरसों में तिरंगा फेहराने का सबूत चाहिए, आरएसएस...

न्यूज़ एंकर का तंज़ “मदरसों में तिरंगा फेहराने का सबूत चाहिए, आरएसएस बिना तिरंगा लहराए देशभक्त”

294
SHARE

नई दिल्ली – बीते सात जून को आरएसएस के नागपुर स्थित आरएसएस के मुख्यालय में आयोजित संघ के तृतीय वर्ष कार्यक्रम के समापन के मौके पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथी शिरकत की, बीते सात जून को दिन भर चैनलों पर सिर्फ यही चलता रहा है कि। लेकिन कहीं जिक्रि नहीं किया गया तो वह था तिरंगा, आरएसएस के मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया गया बल्कि भगवा फहराया गया है।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

तिरंगे से बरती गई दूरी को लेकर सोशल मीडिया पर आरएसएस की देशभक्ती पर सवाल उठ रहे हैं। न्यूज 24 की एंकर जोशी ने ट्वीट किया है कि ”मदरसों में तिरंगा फहरता है या नहीं इसका प्रमाण चाहिए, अगर नहीं फहरता तो देशद्रोही अगर फहरता भी है तो अगला टेस्ट राष्ट्रगान/राष्ट्रगीत बजता है या नहीं। लेकिन RSS के तृतीय वर्ष में तिरंगा दिखेगा न राष्ट्रगान। फिर भी ये देशभक्त बाकी ग़द्दार। एक देश दो मापदंड मेरा भारत महान”


वहीं युवा पत्रकार वसीम अकरम त्यागी ने लिखा है कि RSS की देशभक्ती देख ली या अभी और देखना बाकी है ? संघ के लंपट जो लोगों में देशभक्ती ठूंसने के लिये कभी यूनीवर्सिटीज में टैंक रखवाने का ढोंग करते हैं तो कभी सिनेमा हॉल में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजाने की वकालत करते हैं। वही संघी मुझे बतायें कि आज संघ के सम्मेलन में राष्ट्रगान क्यों नहीं हुआ ? और तिरंगा क्यों नहीं फहराया गया ? उसकी जगह भगवा क्यों फहराया गया ?


वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी ने टिप्पणी की है कि प्रणब बाबू गए, बोल आए – पर यह समझना मुश्किल है कि वहाँ वे हेडगेवार पर क्योंकर लट्टू हुए। और संघ के झंडे, उनके गान के सम्मान (!) में खड़ा होना भी अखरा। वहाँ न तिरंगा था, न राष्ट्रगान। हर फ़िल्म से पहले जो लोग हमसे राष्ट्रभक्ति का प्रमाण चाहते थे, ख़ुद क्यों उससे आंख चुराते हैं?

Loading...