बेरूत ब्ला’स्ट: तीन नवजात को सीने से लगाकर नर्स ने बचाया, तस्वीर हुई वायरल

जैद पठान

ये तस्वीर लेबनान की राजधानी बेरूत के एक हॉस्पिटल कि है एक नर्स अपनी गोद में तीन बच्चों को लेकर खड़ी है ये तस्वीर लेबनानी फोटोजर्नलिस्ट बिलाल ने ली जब वो धमाकों के बाद धुएं से भरी और मलबे से भरी पड़ी सड़कों से होते हुए धमाकों कि जद में आए अल रोम हॉस्पिटल में पहुंचे।

पत्रकार ने बताया कि वहां हर जगह सामान बिखरा पड़ा था और लाशे नज़र आ रही थीं और लोग दर्द से तड़प रहे थे हॉस्पिटल धमाकों से 80% तक तबाह हो गया था और हॉस्पिटल के 50% ज़रूरी उपकरण खराब हो चुके थे, इसी बीच मैंने एक नर्स को देखा जो कि अपनी गोद में तीन नवजात बच्चों को लिए खड़ी थी।

मैंने अपनी 16 साल की प्रोफैशनल लाइफ में इससे बेहतर कभी कुछ नहीं देखा पत्रकार ने कहा नर्स को देखकर ऐसा लग रहा था कि उसे कोई छुपी हुई ताकत मिल रही है जो कि उसे खुद पर काबू रखने का हौसला दे रही है और इन बच्चों को बचाने की हिम्मत दे रही है क्यूंकि उससे कुछ मीटर के फासले पर कुछ लाशें पड़ी थी और कुछ घायल लोग भी दर्द से करहा रहे थे ऐसे हालातों मैं कोई भी वहां ना रुके में ये देख कर पूरी तरह चौंक गया जिन हालातों में लोगों को अपनी जान बचाने कि पड़ी थी।

उन हालातों मैं ये नर्स अपनी ड्यूटी निभा रही थी पूछने पर नर्स ने बताया कि, “शाम को जब धमाके हुए तब वो मैटरनिटी वार्ड में ड्यूटी कर रही थी और धमाकों कि वजह से बेहोश हो गई और जब होश आया तब वो इन तीन नवजात बच्चों को अपनी गोद में संभाले हुए थीऔर इस तरह उसने अपनी जान कि परवाह ना करते हुए इन तीन नवजात बच्चों की जान बचा ली क्यूंकि धमाकों से अल रोम हॉस्पिटल में 18 लोगों की मौत हो गई हॉस्पिटल के मैनेजर ने बताया कि 12 मरीज़, 2 विजिटर्स और 4 नर्सों की मौत हो गई है और 2 लोगों की हालत बहुत गम्भीर है।”

इस बीच इस नर्स ने बहुत ही बहादुरी से अपना काम करते हुए इन बच्चों को बचा लिया जो कि राहत देने वाली खबर है बाद में इन बच्चों को इनकी माओं के साथ दूसरे हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया।

बेशक अल्लाह जिसे चाहे ज़िंदा रखे और जिसे चाहे मौत दे सब उसी की मर्ज़ी से होता है इंसान तो बस एक ज़रिया है या अल्लाह लेबनान में हमारे भाई बहनों पर अपना रहम और करम फरमा ।


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