Home क्राइम मुस्लिम लड़के से प्यार करने पर थी बंधक, पुलिस ने किया हिंदू...

मुस्लिम लड़के से प्यार करने पर थी बंधक, पुलिस ने किया हिंदू लड़की को आजाद

161
SHARE

केरल की रहने वाली एक 24 वर्षीय हिंदू लड़की को पुलिस ने दो साल बाद आजाद कराया है. दरअसल उसे उसकी माँ ने बंधक बना रखा था. जिसमे कुछ बीजेपी नेताओं ने भी उसकी मदद की थी. पीड़िता का सिर्फ इतना गुनाह है कि वह एक मुस्लिम लड़के से प्यार करती है.

शनिवार को पीड़िता ने एक वीडियो भेजकर मदद मांगी जिसमे पीड़िता कहते हुए दिख रही है कि यह उसका आखिरी वीडियो भी हो सकता है. वह कहती है, ‘मेरे पास बचने का कोई रास्ता नहीं है. अगर मुझे कल कुछ हो जाता है तो इसके लिए मेरी मां जिम्मेदार होगी.  एक मुसलमान से प्यार करने के लिए बीते दो साल में मैंने काफी कुछ सहा है. मानसिक इलाज के लिए मुझे दो महीने तक अमृता अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसके बाद, दो महीने के लिए मुझे एक आरएसएस संचालित अनाथाश्रम में रखा गया. मैं यहां मंगलुरु में बीते कई महीनों से हूं. इसमें बीजेपी का पूरा समर्थन है…मैं काफी कुछ झेल चुकी हैं. मुझे बाहर जाने की इजाजत नहीं है.’

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

पीड़िता ने बताया कि उसे अपने बचपन के दोस्त से प्यार था. वह एक पोलट्री फॉर्म चलाता है. पीड़िता के मुताबिक, समस्या अगस्त 2016 में शुरू हुई, जब उसकी मां को इस बारे में पता चला। उसी रात रिश्तेदारों से उसे टॉर्चर किया. जल्द ही उसे कोच्चि स्थित एक मानसिक अस्पताल में इलाज करने के लिए भर्ती करा दिया गया. वहीं, दोस्त ने बताया कि पीड़िता को 40 दिन तक मानसिक अस्पताल में रखे जाने के बाद उसने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की. उसने बताया, ‘उसके (पीड़िता के) परिवार ने मुझे आतंकवादी के तौर पर पेश किया. उन्होंने उसकी मानसिक बीमारी के इलाज का सर्टिफिकेट पेश किया. कोर्ट ने मां-बेटी की सुरक्षा के लिए पुलिस सुरक्षा का आदेश दिया. अदालत ने मेरी उससे मुलाकात पर भी रोक लगा दिया.’

पीड़िता के दोस्त ने बताया कि 2017 की शुरुआत में अंजलि को उसकी मां मंगलुरु ले गई. इस काम में त्रिशूर के एक स्थानीय बीजेपी नेता ने मदद की. उसके मुताबिक, मां ने हाल ही में पीड़िता को बिना सिम का एक मोबाइल फोन दिया था. दोस्त ने बताया, ‘मैंने उसके लिए एक सिम कार्ड की व्यवस्था की थी. इसकी मदद से वह पुलिस को कॉल करके मदद मांग सकी. इसके बाद ही उसे बीते हफ्ते छुड़ाया गया.’

मंगलुरु डीसीपी उमा प्रशांत ने कहा, ‘महिला को उसकी मां की कस्टडी से छुड़ाया गया है. उसे (पीड़िता) अदालत के सामने पेश किया गया, जिसके बाद उसे रेस्क्यू होम भेज दिया गया. पीड़िता ने अपनी मां के साथ जाने से इनकार कर दिया. हमने मां को गिरफ्तार किया है. हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि इस मामले में दूसरों की संलिप्तता है कि नहीं.’

Loading...