विज्ञान/पर्यावरण

एक साल में हो जाएगी आर्कटिक की सारी बर्फ ख़त्म, एक लाख साल बाद आयेगा ऐसा मंजर

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पृथ्वी के काफी हिस्से पिछले कई साल से रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से झुलस रहे है. वैज्ञानिक इसका कारण हद से ज्यादा हो रहा कार्बन उत्सर्जन है. अत्यधिक कार्बन उत्सर्जन से पृथ्वी का वायुमंडल गरम हो रहा है जिससे पहाड़ो पर बर्फ तेजी से पिंघल रही है. बर्फ पिंघलने के कारण समुन्द्र का जल स्तर बढ़ रहा है और समुन्द्र के किनारे बसे शहरों में बाढ़ आने का खतरा बढ़ रहा है.

एक साल में हो गयी 16 लाख वर्ग मीटर बर्फ कम 

इसी कड़ी में अमेरिका के एक वैज्ञानिक ने दावा किया है की आर्कटिक समुन्द्र की सारी बर्फ इस साल ख़त्म हो जाएगी. इस वैज्ञानिक ने बताया की  इस साल जून में उपलब्ध आंकड़ो के अनुसार आर्कटिक समुन्द्र में केवल 1.11 करोड़ वर्ग मीटर बर्फ बची है जो पिछले साल जून में मिले आंकड़ो के हिसाब से 16 लाख वर्ग मीटर कम हो गयी है.

एक साल में इतने बड़े क्षेत्र में बर्फ का कम होना चिंता का विषय है. आंकड़ो के हिसाब से ये कम लग रही है लेकिन अगर अमेरिका के क्षेत्र से इसकी तुलना की जाये तो ये अमेरिका से छह गुना अधिक है.

इस स्थिति में एक साल में हो जाएगी सारी बर्फ ख़त्म 

वैज्ञानिक के अनुसार अगर यही स्थिति रही तो इस साल या अगले साल तक आर्कटिक समुन्द्र की सारी बर्फ ख़त्म हो जाएगी. अमेरिका की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के फिजिक्स के प्रोफेसर पीटर वडहम्स ने चार साल पहले भी ऐसी ही भविष्यवाणी की थी. उनके इन आंकड़े की पुष्टि अमेरिका के नेशनल स्नो एंड आइस डाटा सेंटर ने की है. नेशनल स्नो एंड आइस डाटा सेंटर को आर्कटिक समुन्द्र की जो तस्वीर उपग्रह से मिली है वो पीटर की बातो को सही साबित करती है.

एक लाख साल पहले हुई थी सारी बर्फ ख़त्म 

वैज्ञानिक के अनुसार करीब एक लाख साल पहले आर्कटिक की बर्फ ख़त्म हुई थी और यही स्थिति अब दोबारा आ रही है. पीटर ने कहा की इस वजह से ही ब्रिटेन में बाढ़ और अमेरिका में तूफ़ान आ रहे है.

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