राजनीति

राहुल गाँधी को सहारनपुर में रोका गया, मौके पर ही लगायी पंचायत

सहारनपुर | सहारनपुर में दलितों और ठाकुरों के बीच हुए जातीय संघर्ष के बाद प्रदेश की राजनीती में भी गर्माहट देखने को मिल रही है. मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के दो महीने के भीतर हुए इस हिंसात्मक संघर्ष ने कई दलों को संजीवनी देने का काम किया है. मायावती से छिटककर बीजेपी की झोली में चले गए दलित वोट बैंक को समेटने का यह सबसे अच्छा मौका है.

इसी मौके का फायदा उठाने के लिए मायावती ने हिंसा ग्रस्त इलाके का दौरा किया और पुरे घटनाक्रम के लिए योगी सरकार को दोषी ठहरा दिया. मायावती के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने भी सहारनपुर जाने का फैसला किया लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस ने उनको इस दौरे की इजाजत नही दी. इजाजत नही मिलने के बावजूद राहुल गाँधी शनिवार को सहारनपुर कूच करने के लिए निकल पड़े.

शनिवार दोपहर हरियाणा से सड़क मार्ग से होते हुए राहुल गाँधी सहारनपुर पहुंचे. लेकिन जिला प्रशासन ने उन्हें हिंसा ग्रस्त इलाके में जाने से रोक दिया. इसके बाद उन्होंने सरसावा पहुंचकर वहां एक पंचायत की और पीडितो से मुलाकात की. करीब आधा किलोमीटर पैदल चलने के बाद राहुल गाँधी सरसावा पहुंचे. यहाँ उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियो से भी मुलाकात की.

राहुल के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर, राज्यसभा सांसद गुलाब नबी आजाद और पीएल पुनिया भी सहारनपुर पहुंचे. हालाँकि राहुल गाँधी को पता था की उन्हें शब्बीरपुर गाँव नही जाने दिया जायेगा फिर भी वो सहारनपुर आये. इस पर सफाई देते हुए कैबिनेट मंत्री सिद्धार्नाथ सिंह ने कहा की घटनास्थल पर मायावती जी के जाने के बाद वहां दोबारा हिंसा भड़क गयी थी. इसलिए प्रशासन ने कोई रिस्क नही लिया.

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