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रात को 12 बजे ही सो गया इंजिनियरिंग का छात्र, पूरे हॉस्टल ने किया बहिष्कार ;-)

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लेखकः विक्रम भल्ला।।

यह व्यंग्य है, इसे खबर के तौर पर न लें।

जागरूक इंजिनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल में हुई कल एक चौंका देने वाली घटना में 20 वर्षीय चतुर रामलिंगम नामक छात्र को हॉस्टल से निकाल दिया गया। हॉस्टल के अधिकारियों के अनुसार, यह कदम तब उठाया गया जब चतुर रात के 12 बजे ही बिस्तर पर सोया पाया गया।

कॉलेज के प्रिंसिपल ने मीडिया से कहा, ‘चतुर ने हॉस्टल की बहुत ही अहम प्रथा, जो सालों से चली आ रही है, उसका उलंघन किया है। यह तो उसकी खुशनसीबी है कि हमने सिर्फ उसे हॉस्टल से निकाला है और कॉलेज से नहीं। इस पूरे वाकये से कॉलेज की इज़्ज़त मिटटी में मिल गई है।’

प्रिंसिपल ने सवालिया लहजे में कहा, ‘रात को देर तक जागना इंजिनियरिंग पाठ्यक्रम का एक अहम हिस्सा है। अगर छात्र अभी से इस प्रक्रिया के लिए तैयार नहीं रहेंगे तो आगे जाकर नाइट शिफ्ट्स में इन्फ़ोसिस और टीसीएस जैसी कंपनियों में बेंच कैसे गरम करेंगे? और, अगर छात्र अब हॉस्टल में सोने लगेंगे तो हम लोग कॉलेज में लेक्चर किस लिए रखते हैं।’

Satire On Engineering Students Life

घटना का विस्तार से वर्णन करते हुए सेकंड ईयर के एक 25 वर्षीय छात्र ने बताया, ‘बात कुछ कल रात 12 बजे की है, जब मैं दिन के सारे ज़रूरी काम (जैसे की काउंटर स्ट्राइक खेलना, फिल्में देखना वगैरह) निपटा के बाजू वाले गर्ल्स हॉस्टल में झांक रहा था। तभी कहीं से अचानक खर्राटों की आवाज़ें आने लगी। हॉस्टल के गलियारे का चक्कर लगाने के बाद चतुर को मैंने एक आपत्तिजनक अवस्था में पाया। पहले तो मैंने उसे संदेह का लाभ देते हुए सोचा कि बेचारा शायद अभी तक 31 दिसंबर के हैंगओवर में होगा। पर आसपास कोई दारू की बोतल या गांजा न मिलने पर मेरा शक यकीन में बदल गया और मैंने अलार्म रेज कर दिया, जिसके बाद पूरे हॉस्टल ने चतुर का बहिष्कार कर दिया।’

उधर अपने बचाव में चतुर ने शाहरुख खान की नई फिल्म दिलवाले को दोषी ठहराया। उसने कहा, ‘मैं तो इतना चुस्त था कि मुझे लगा आज तो मैं देर तक जागने का एक नया कीर्तिमान स्थापित करूंगा। मुझे क्या पता था कि पिक्चर इतनी वाहियात निकलेगी की मेरा ‘टॉलरेंस लेवल’ घट जाएगा और उसे देखते ही मेरी आंख लग जायेगी।’