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कोक के अधिकारी का बड़ा खुलासा : प्यासे रह जाना पर कभी कोका कोला मत पीना

नई दिल्ली : जिस तरह कोका कोला की बोतल हिलाकर ढक्कन खोलने पर ज़बरदस्त झाग निकलती है उसी तरह अब कोका कोला के प्लांट से सनसनीखेज खुलासे बाहर निकल रहे हैं. कोका कोला के ब्रिटेन में काम करने वाले एक पूर्व अधिकारी ने खुलासा किया है कि स्प्राइट की दो लीटर की  बोतल में ‘शुगर कंटेंट’ हमारी चीनी की रोजाना खुराक से 144 प्रतिशत ज्यादा होता है. यानी जो लोग खासकर स्प्राइट का सेवन कर रहे वो रोज़ अपने भीतर चीनी की बेतहाशा मात्रा ले रहे है जो शरीर के लिए बेहद हानिकारक है. स्प्राइट से भी ज्यादा खतरनाक कोका कोला की एनर्जी ड्रिंक है जिसे लोग अक्सर स्वास्थ्य लाभ के लिए पीते है.
कोक के अधिकारी का बड़ा खुलासा : प्यासे रह जाना पर कोका कोला कभी मत पीना
लोगों को गुमराह करने के लिए डाइट एक्सपर्ट्स को दी रिश्वत

ब्रिटेन में कोका कोला की बिक्री देख रहे इस अधिकारी ने बताया की अपनी सॉफ्ट ड्रिंक्स के कई खतरनाक प्रभाव छिपाने के लिए कोका कोला ने कुछ बड़े डाइट एक्सपर्ट्स को रिश्वत दी जिसके चलते उन्होंने स्प्राइट के शुगर कंटेंट पर कोई प्रतिकूल बात नही कही. इन एक्सपर्ट्स ने सार्वजनिक तौर पर लोगों को गुमराह किया और बताया की स्प्राइट या कोक पीने से मोटापा नही बढ़ता है और ये सॉफ्ट ड्रिंक सेहत के लिए किसी भी तरह हानिकारक नही है.

एनर्जी ड्रिंक भी है सेहत के लिए खतरनाक

ब्रिटिश अखबार द इंडिपेंडेंट ने इस अधिकारी का हवाला देते हुए खुलासा किया है कि कोका कोला कंपनी की एनर्जी ड्रिंक ‘मॉन्स्टर’ भी सेहत के लिए ठीक नही है. कुछ लोग स्वास्थ्य लाभ के लिए इस ड्रिंक का सेवन करते हैं पर उन्हें मालूम नही होता कि मॉन्स्टर खतरे के लाल निशान जैसी है और उनकी सेहत के लिय बेहद नुकसानदेह है. इस अधिकारी के मुताबिक मॉन्स्टर के ५०० लीटर के कैन में रोजाना सेवन करने के लिए तय शुगर की ४७ फीसदी मात्रा होती है जो कई बीमारियों को एक तरह से न्योता है. यही नही एनर्जी ड्रिंक के इस कैन में १६५ मिलीग्राम कैफीन होती है जो कॉफ़ी के डेढ़ कप और उसमे पड़ी 10 चम्मच चीनी के बराबर है. यानी जिसे एनर्जी ड्रिंक मानकर पिया जा रहा है उसमे कैफीन की अत्यधिक मात्रा है जो किसी के लिए भी हानिकारक है.

फिलहाल इस खबर पर कोका कोला की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक ब्यान नही आया है. लेकिन सवाल सिर्फ कोका कोला का नही है. इस दौड़ में पपेय पदार्थ बनाने वाली अन्य कम्पनिया भी वही कर रही है जो कोका कोला करती आई है. साभार: अमित बाजपेयी (hindi.indiasamvad.co.in)
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