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म्यांमार में रोहिंग्या हिन्दू भी हो रहे हिंसा के शिकार, 100 से ज्यादा हिन्दू परिवार पहुंचे बांग्लादेश

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ढाका | म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमो के खिलाफ हो रही हिंसा के बीच काफी रोहिंग्या हिन्दू भी सुरक्षाबलों की गोली का शिकार बने है. यही वजह है की मुस्लिमो के साथ साथ काफी हिन्दू परिवार भी बांग्लादेश में शरण लेने के लिए पहुंचे है. फिलहाल 100 से ज्यादा रोहिंग्या हिन्दू परिवारों ने बांग्लादेश में शरण ली हुई है. लेकिन यहाँ भी उनको काफी दुश्वारियो का सामना करना पड़ रहा है. यहाँ खाने से लेकर रहने के लिए टेंट तक की सुविधाओ का काफी अभाव है.

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में हजारो मुस्लिम परिवारों के बीच सैंकड़ो हिन्दू परिवारों ने भी शरण ली हुई है. दरअसल म्यांमार के रखाइन इलाके में मुस्लिमो के साथ साथ हिन्दुओ की भी अच्छी खासी आबादी है. बताया जा रहा है की म्यांमार के सुरक्षाबल ,मुस्लिमो के साथ साथ हिन्दुओ का भी नरसंहार कर रहे है. इसलिए मुस्लिमो के साथ साथ हिन्दू भी जान बचाकर बांग्लादेश भाग रहे है.

इंडिया टुडे के कुछ पत्रकारों ने बांग्लादेश में लगे कई शरणार्थी कैंपो का दौरा किया. इस दौरान उनको करीब 100 हिन्दू परिवार भी इन कैंपो में मिले. इन्ही परिवारों में से एक सुजन शर्मा ने बताया की यहाँ खाने पीने की काफी किल्लत है. हम केवल संयुक्त राष्ट्र के खाने पर जीवन यापन कर रहे है. बांग्लादेश सरकार की और से केवल 10 किलो चावल और एक किलो तेल भेजा गया है. जबकि हमने स्थानीय प्रशासन से मदद की अपील की है.

सुजन के अनुसार हम यहाँ केवल कुछ सामाजिक संगठन और कार्यकर्ताओ के सहारे है. सुजन ने बताया की इन कैंपो में करीब 600 लोग रह रहे है. संयुक्त राष्ट्र की तरफ से खाने के लिए 25 किलो चावल भेजा जा रहा है. साड़ी और सिन्दूर लगाये मालती ने बताया की हम अपनी जान बचाने के लिए बांग्लादेश में आये थे. लेकिन यहाँ भी ऐसी ही स्थिति है. मालती ने आरोप लगाया की उनके ससुर के साथ कुछ लोगो ने मारपीट की.

हालाँकि कॉक्स बाजार के डिप्टी कमीशनर मोहम्मद हुसैन ने बताया की हमारे लिए सब रोहिंग्या शरणार्थी है. यहाँ काफी संख्या में रोहिंग्या आये है इसलिए थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय प्रशासन शर्णार्थियो की पूरी मदद कर रहा है. चूँकि हमारे पास स्टाफ की कमी है इसलिए हमने खाने का वितरण करने के लिए सेना की मदद ली गयी है.