स्वास्थ

जानिये क्यों होता है थाइरोइड और क्या है इसका इलाज..

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हिमांशु गुप्ता | हम जो कुछ भी खाते है उसके उर्जा में बदलने की प्रक्रिया को मेटाबोलिज्म कहते है. इसलिए मेटाबोलिज्म का नियंत्रण में रहना बड़ा ही आवश्यक है. इस मेटाबोलिज्म दर को थाइरोइड ग्रंथि से बनने वाले T3 और T4 हारमोंस नियंत्रित करते है. यदि इन T3 एवं T4 हारमोंस का संतुलन बिगड़ जाए तो शरीर में कई तरह की परेशानिया उत्पन हो सकती है.

यदि थाइरोइड ग्रंथि T3 एवं T4 हारमोंस कम मात्र में उत्पन करती है तो इससे शरीर का मेटाबोलिज्म दर कम हो जाती है जिसको हाइपो थाइरोइडइज्म कहते है . जिसकी वजह से व्यक्ति का शरीर फूलना शुरू हो जाता है तथा वह सदैव थकान महसूस करता है.

इसी प्रकार यदि थाइरोइड ग्रंथि T3 एवं T4 हारमोंस का अधिक मात्रा में उत्पादन करती है तो शरीर का मेटाबोलिज्म दर बढ़ जाता है. इससे व्यक्ति का वजन घटना शुरू हो जाता है. इस स्थिति को हाइपर थाइरोइडइज्म कहते है. हाइपर थाइरोइडइज्म के अन्य लक्षण सांस फूलना, बालो का झड़ना एवं कई बार शौच जाना है.

इसके कारण 

सामान्यतः थाइरोइड होने का मुख्य कारण आपके शरीर में ग्रेव डिजीज का होना है. जिसमे शरीर का रोग प्रतिरोधक तंत्र, शरीर में गलती से TSI ( Thyroid Stimulating Immuneoglobulins )एंटी बॉडीज बनाना शुरू कर देता है. जो की TSH (Thyroid Stimulating Hormone)  हार्मोन की तरह काम करती है. TSH हार्मोन थाइरोइड ग्रंथि को T3 एवं T4 हार्मोन बनाने के लिए प्रेरित करता है. ग्रेव डिजीज क्यों होती है , इसका कारण स्पष्ट नही है.

हाइपर थाइरोइडइज्म के अन्य कारण थाइरोइड ग्रंथि का बड़ा होना एवं थाइरोइड ग्रंथि इनफलेमेसन है. अगर थाइरोइड ग्रंथि बढ़ी हुई है तो सर्जरी की मदद से उसको ठीक किया जा सकता है. लेकिन इसकी सर्जरी में मरीज की वोकल ग्रंथि कटने का खतरा रहता है , जिससे उसकी आवाज हमेशा के लिए जा सकती है.

लैब टेस्ट 

अगर किसी व्यक्ति में ऊपर लिखे लक्षण है तो उसे तुरंत थाइरोइड ब्लड पैनल टेस्ट कराना चाहिए जिसमे T3 , T4 एवं TSH टेस्ट होते है. ग्रेव डिजीज का पता लगाने के लिए TSI टेस्ट किया जाता है. अन्य कारणों के लिए गले में थाइरोइड ग्रंथि का अल्ट्रासाउंड कराना चाहिए.

इलाज 

अगर व्यक्ति को हाइपो थाइरोइडइज्म है, जिसमे थाइरोइड ग्रंथि कम T3 एवं T4 हार्मोन्स बनाती है तो व्यक्ति Livo Thyroxin ले सकता है. यदि हाइपर थाइरोइडइज्म है तो व्यक्ति Methimazol तथा कोई Beta Blocker ले सकता है.

नोट:- किसी भी दवाई का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह ले.

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