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1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में अबू सलेम समेत 6 आरोपी दोषी करार, अब्दुल कय्यूम बरी

मुंबई | 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बलास्ट मामले में टाडा की विशेष अदालत ने अबू सलेम समेत सात आरोपियों को दोषी करार दिया है. वही अब्दुल कय्यूम को बरी कर दिया गया. इस मामले की अगली सुनवाई 19 जून को होगी. हालाँकि अबू सलेम को पुर्तगाल प्रत्यर्पण संधि के तहत दोषी करार दिए जाने के बाद भी फांसी की सजा नही दी जा सकेगी. इसके अलावा उसे 25 साल से ज्यादा की सजा भी नही दी जा सकेगी.

शुक्रवार को मुंबई की विशेष टाडा अदालत ने 1993 में हुए बम ब्लास्ट मामले में अपना फैसला सुनाया. इस मामले में सात लोगो को गिरफ्तार किया गया था. इन सभी लोगो को 2003 से 2010 के बीच गिरफ्तार किया गया था. इन आरोपियों में अबू सलेम भी शामिल है जिसको पुर्तगाल से प्रत्यापित किया गया था. सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी आरोपियों को अलग अलग सजा सुनाई.

जिन आरोपियों को दोषी करार दिया गया उनमे अबू सलेम, मुस्तफा डोसा, फिरोज अब्दुल रशीद खान, ताहिर मर्चेंट, करीमुल्ला खान व रियाज सिददीकी शामिल है. सुनवाई के दौरान अदालत ने सलेम को भरूच से मुंबई हथियार लाने का दोषी पाया तो मुस्तफा डोसा को हत्या , साजिश और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का दोषी पाया.

इसके अलावा फिरोज अब्दुल रशीद खान को साजिश रचने और हत्या का दोषी पाया. ताहिर मर्चेंट पर धमाके की साजिश रचने का आरोप था जिसमे वो दोषी करार दिए गए. इस पुरे मामले में अदालत ने अबू सलेम, ताहिर मर्चेंट , फिरोज अब्दुल रशीद खान और मुस्तफा डोसा को मुख्य साजिशकर्ता करार दिया. इन सभी आरोपियों के खिलाफ अपराधिक साजिश रचने, सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और हत्या करने के आरोप लगे थे.

टाडा अदालत ने अब्दुल कय्यूम को बरी घोषित कर दिया. बताते चले की इस मामले की दो चरणों में सुनवाई शुरू हुई थी. पहले चरण में टाडा अदालत ने 100 आरोपियों को दोषी करार दिया था जबकि 23 लोगो को बरी कर दिया गया था. टाडा ने 2007 में यह फैसला सुनाया था. चूँकि उस समय तक ये सभी आरोपी गिरफ्तार नही हुए थे इसलिए इस मामले की दुसरे चरण में सुनवाई हुई.

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